बरेली, 28 सितंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में 600 साल पुरानी शाही मस्जिद पर हुई बुलडोजर कार्रवाई के बाद घमासान तेज हो गया है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने इस कार्रवाई को हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए बड़ा झटका बताया। उन्होंने सरकार पर चुन-चुन कर मस्जिदों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। मस्जिद का मामला हाईकोर्ट में लंबित होने के बावजूद हुई कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मौलाना ने मुसलमानों से कानून के दायरे में रहकर विरोध जारी रखने की अपील की।
उज्जैन में शाही मस्जिद गिराने की कार्रवाई पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि उज्जैन में 600 साल पुरानी शाही मस्जिद पर बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में मुसलमान सड़कों पर उतरे हैं और कानून के दायरे में रहकर मस्जिद की रक्षा और सुरक्षा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अब मस्जिद का मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में विचाराधीन है। चाहे मध्य प्रदेश की सरकार हो या किसी और राज्य की सरकार, जगह-जगह मस्जिदों पर बुलडोजर कार्रवाई की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे हिंदू-मुस्लिम भाईचारा पूरी तरह से चरमरा गया है। सहारनपुर की मस्जिद पर कार्रवाई से एक दिन पहले वहां के अधिकारियों ने इमाम साहब को यह भरोसा दिलाया था कि मस्जिद को सिर्फ सील किया जाएगा, बुलडोजर नहीं चलाया जाएगा। यही स्थिति उज्जैन में भी देखने को मिली।
मौलाना ने कहा कि उज्जैन में भी अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि बुलडोजर नहीं चलेगा, लेकिन बाद में लोगों को पता चला कि बुलडोजर कार्रवाई होने वाली है। इसलिए तमाम मुसलमान मस्जिद की हिफाजत के लिए इंसानी ढाल बन गए।
मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि मैं समझता हूं कि उज्जैन के मुसलमानों ने बिल्कुल सही कदम उठाया है और यही कदम उठाना चाहिए। मैं सभी लोगों से यही अपील करूंगा कि कानून के दायरे में रहकर आप मस्जिद की रक्षा और सुरक्षा करते रहिए।
उन्होंने कहा कि भारत में गाय हमेशा एक मुद्दा रही है। मुसलमान तो लगातार यह मांग करते आए हैं कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर दिया जाए। अगर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर दिया जाता है तो बहुत सारी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। जगह-जगह जो घटनाएं होती हैं, वे घटनाएं नहीं होंगी।
उन्होंने कहा कि एक खास बात मैं आपको यह भी बताऊं कि इस्लाम की नजर में गाय की क्या अहमियत है। पैगंबर-ए-इस्लाम सल्लल्लाहु ताला अलैहि वसल्लम से जब किसी ने पूछा तो उन्होंने जवाब देते हुए फरमाया कि गाय के दूध में शिफा है और गाय के गोश्त में बीमारी है। पैगंबर का मकसद यह बताना है कि गाय का दूध पियो, खुद भी पियो और अपने बच्चों व परिवार को भी पिलाओ। साथ ही जो बीमार लोग हैं, उन्हें खास तौर पर गाय का दूध पिलाओ ताकि उन्हें शिफा हासिल हो सके।
उन्होंने कहा कि यही इस्लाम में गाय का महत्व है। अगर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर दिया जाता है तो बहुत सारी समस्याओं का समाधान हो जाएगा, बहुत सारी जो घटनाएं होती हैं वो नहीं होंगी और फिर हर शख्स उसकी हिफाजत करेगा।
