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तेजस्वी के एनकाउंटर वाले आरोपों पर जीतन राम मांझी का पलटवार, बोले-अपराध को जाति से न जोड़ें

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पटना, 29 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार में एनकाउंटर को जातिगत रंग देने के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को करारा जवाब दिया। उन्होंने अपराध और जाति को अलग-अलग खांचे में रखने की नसीहत देते हुए आरक्षण में उप वर्गीकरण की वकालत की और इसे सामाजिक न्याय का नया फॉर्मूला बताया। साथ ही डबल इंजन सरकार की कानून-व्यवस्था और विकास मॉडल को लेकर उन्होंने पीएम मोदी और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के नेतृत्व पर भरोसा जताया।

बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के इस आरोप पर कि जाति के आधार पर एनकाउंटर किए जा रहे हैं, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा, “हम मुसहर समुदाय से हैं। अगर मुसहर समुदाय का कोई व्यक्ति गलत काम करता है और पकड़ा जाता है, तो क्या हमें यह कहना चाहिए कि मुसहरों को खास तौर पर टारगेट किया जा रहा है? एक अपराधी को अपराधी की तरह टारगेट किया जाता है, यह जाति का मामला नहीं है।”

उन्होंने कहा कि यहां एक बात जरूर ध्यान देने वाली है। कुछ लोग अपने मजे के लिए बातें करते हैं, लेकिन डेटा दिखाता है कि अगर आप आज जेलों में जाएं, तो 70 फीसदी जेल में बंद लोग राजद के कार्यकर्ता हैं। अगर कोई यह बात बताता है,तो वह गलत नहीं है। फिर भी लोग अलग-अलग बातों से इस मुद्दे को हल्का करने और भटकाने की कोशिश करते हैं, चाहे वह तेजस्वी यादव हों, राहुल गांधी हों या कोई और।

सीईसी ज्ञानेश कुमार से जुड़े विवाद पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि मीटिंग बुलाना सीईसी का अधिकार है। एक बात तो तय है किसी भी कैबिनेट में मुख्यमंत्री की सहमति के बाद ही फैसले लिए जाते हैं। अलग-अलग नजरिए और बहस होती रहती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कोई मतभेद है। फैसले आखिर में एकमत से होते हैं। इसी तरह, चुनाव आयोग में भी मुख्य चुनाव आयुक्त ही बॉडी को हेड करते हैं।

एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 2024 में कहा था कि रिजर्वेशन के अंदर उप वर्गीकरण होना चाहिए और भारत के कई राज्यों ने ऐसा उप वर्गीकरण लागू किया है। इसका मतलब यह नहीं है कि रिजर्वेशन के स्ट्रक्चर या क्वांटिटी को बदलने का कोई प्रस्ताव है।

उन्होंने कहा, “मान लीजिए हम सब मिलकर 15 रोटियां खा रहे हैं, लेकिन आप उनमें से 14 खाते हैं और हमारे हिस्से में सिर्फ एक रोटी आती है। अगर हमारा हिस्सा आबादी के हिसाब से है, तो अगर 15 रोटियां हैं, तो मुझे आठ दो और तुम सात ले लो। अगर किसी को इससे दिक्कत है तो उन्हें दिक्कत होने दो। हमने अब यह अभियान शुरू किया है और इसे पूरे देश में ले जाएंगे। हम मांग करेंगे कि सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के हिसाब से रिजर्वेशन को सब-क्लासिफाई किया जाए।

जीतन राम मांझी ने कहा कि मैं कहूंगा कि भारत सरकार का नेतृत्व नरेंद्र मोदी कर रहे हैं और बिहार को सम्राट चौधरी लीड कर रहे हैं। डबल इंजन की सरकार काम कर रही है। मुझे गर्व है कि जिस तरह से नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स समिट में भारत का झंडा बुलंद किया और आज सम्राट चौधरी के अंडर चाहे इमरजेंसी का मुद्दा हो, विकास का या फिर कानून व्यवस्था का, कभी कोई ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ नहीं चलाया गया।

दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर वायरल पुराने बयान पर मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा, “वह गठबंधन का हिस्सा हैं। उन्हें ऐसा नहीं बोलना चाहिए। चूंकि वह गठबंधन में हैं, इसलिए कोई बड़ा मुद्दा नहीं है।”

सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस के देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा, “कांग्रेस के पास कोई असली मुद्दा नहीं बचा है। वे काम नहीं करना चाहते। पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार हर मोर्चे पर काम कर रही है। जब लोगों के पास करने के लिए कुछ काम का नहीं होता, तो वे बेबुनियाद बयानबाजी करते हैं।”