चेन्नई, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु पुलिस की साइबर क्राइम विंग ने लोगों से ऑनलाइन धोखाधड़ी को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि फर्जी लॉटरी जीतने के मैसेज, इंस्टेंट लोन ऐप, स्कॉलरशिप के वादे और किराने के सामान पर भारी छूट जैसे आकर्षक ऑफर आपके पैसे और निजी जानकारी चुराने का जाल हो सकते हैं।
जागरूकता बढ़ाने के लिए जारी की गई एडवाइजरी में पुलिस ने कहा कि ठग लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए मैसेज और सोशल मीडिया पोस्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी तरह का भुगतान करने, लिंक खोलने या संवेदनशील जानकारी देने से पहले ऑफर की सच्चाई जरूर जांच लें।
ठगी का एक आम तरीका लॉटरी का मैसेज भेजना है, जिसमें कहा जाता है कि आपने लॉटरी जीती है। इसके बाद ठग प्रोसेसिंग फीस, टैक्स या अन्य चार्ज के नाम पर पैसे मांगते हैं। पुलिस ने लोगों से कहा है कि ऐसे दावों पर पैसे ट्रांसफर न करें और अपनी निजी या बैंकिंग जानकारी किसी से साझा न करें।
खासकर जब कोई अनजान व्यक्ति बड़ी रकम जीतने का वादा करे और एडवांस में पैसे मांगे तो सावधान रहना चाहिए। विंग ने फर्जी किराना प्रमोशन को लेकर भी चेतावनी दी है, जिसमें असामान्य रूप से ज्यादा छूट का लालच दिया जाता है। ये विज्ञापन ग्राहकों को आकर्षित करने और उन्हें ऐसे लिंक पर क्लिक करवाने के लिए बनाए जाते हैं जो धोखाधड़ी का शिकार बना सकते हैं।
पुलिस ने कहा कि किसी भी प्रमोशन को रिटेलर की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर जाकर वेरिफाई करें। अनजान लिंक से बचें और किसी भी ऑफर के जवाब में ओटीपी या बैंकिंग जानकारी कभी भी शेयर न करें।
एक अन्य एडवाइजरी में धोखाधड़ी वाले लोन एप्लिकेशन पर फोकस किया गया है जो तुरंत पैसा देने का वादा करते हैं। पुलिस के अनुसार, ऐसे ऐप यूजर्स का निजी डेटा इकट्ठा कर लेते हैं, जिसका इस्तेमाल बाद में ठग कर्ज वसूली के नाम पर परेशान करने के लिए करते हैं। इंस्टेंट लोन देने वाले ऐप डाउनलोड करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।
एडवाइजरी में स्कॉलरशिप से जुड़े स्कैम को भी लेकर लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। पुलिस ने कहा कि अगर कोई साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है या उसे कोई संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि दिखती है, तो वह नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर सकता है या ‘साईबरक्राइमडॉटजीओवीडॉटइन’ पर रिपोर्ट कर सकता है।
साइबर क्राइम विंग अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए जागरूकता वीडियो भी प्रकाशित कर रहा है ताकि लोगों को समझाया जा सके कि ये घोटाले कैसे काम करते हैं और क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।
