नई दिल्ली, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. संबित पात्रा ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) की पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासित राज्यों और भाजपा शासित राज्यों के मामलों में कांग्रेस का रवैया अलग-अलग होता है।
संबित पात्रा ने दावा किया कि केपीएससी की पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती परीक्षा 8-9 जनवरी 2026 को आयोजित की जानी थी, लेकिन परीक्षा से ठीक एक दिन पहले, 7 जनवरी को पेपर लीक हो गया। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा में करीब 1,400 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 400 उम्मीदवारों का चयन होना था।
भाजपा नेता के मुताबिक, परीक्षा में शामिल एक अभ्यर्थी एस. मंजूनाथ को बाद में कथित तौर पर पता चला कि कुछ ऐसे उम्मीदवार भी चयनित हुए हैं, जिनका प्रदर्शन पहले अच्छा नहीं रहा था। उन्होंने कहा कि एक स्टिंग ऑपरेशन के जरिए कथित तौर पर पैसे के लेन-देन की जानकारी सामने आने के बाद मंजूनाथ ने मामले को उजागर किया।
पात्रा ने आरोप लगाया कि मामले की जांच राज्य की सीआईडी और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने की। उन्होंने दावा किया कि जांच के दौरान केपीएससी के परीक्षा नियंत्रक और आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार की भूमिका सामने आई। भाजपा प्रवक्ता के अनुसार, कथित तौर पर 7 जनवरी को परीक्षा के सवाल और उनके जवाब एक पेन ड्राइव में डालकर बसवराज कनाले नामक व्यक्ति को दिए गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद बसवराज कनाले ने कई अभ्यर्थियों से संपर्क कर कथित तौर पर 80 लाख रुपये के बदले पेपर उपलब्ध कराने की बात कही।
संबित पात्रा ने दावा किया कि जांच के दौरान परीक्षा में शीर्ष 14 रैंक हासिल करने वाले अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं में भी काफी समानता पाई गई। उन्होंने कहा कि यह मामला बाद में हाईकोर्ट पहुंचा, जहां कथित तौर पर विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का निर्देश दिया गया।
भाजपा नेता ने कांग्रेस से सवाल किया कि केपीएससी की व्यवस्था में आखिर चूक कहां हुई। उन्होंने पूछा कि यदि परीक्षा के सवाल और जवाब पहले ही अभ्यर्थियों तक पहुंच गए थे, तो स्थानीय खुफिया तंत्र और प्रशासन क्या कर रहा था।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या कथित पेपर लीक में किसी स्तर पर राजनीतिक संरक्षण था। साथ ही, उन्होंने पूछा कि हाईकोर्ट द्वारा एसआईटी गठित करने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती क्यों दी गई।
संबित पात्रा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए केपीएससी को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कर्नाटक पब्लिक सर्विस कमीशन नहीं, बल्कि कांग्रेस के लिए ‘पैसा वसूलने वाला कमीशन’ और ‘एटीएम’ बन गया है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी को कर्नाटक में सामने आए इस मामले पर जवाब देना चाहिए और बताना चाहिए कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में सरकार और प्रशासन की क्या भूमिका रही।
