पटना, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने राज्य की मौजूदा परिस्थितियों, गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात परिस्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। उन्होंने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की।
गंगा के जलस्तर में फिर से हो रही वृद्धि को लेकर मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि हाल में हुई बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा था, जिसके बाद इसमें कमी आई।
उन्होंने बताया कि जब गंगा का जलस्तर कम होता है तो वह दूसरी नदियों के पानी को अपने में समाहित कर सकती है, लेकिन जब गंगा का जलस्तर भी बढ़ जाता है तो स्थिति चुनौतीपूर्ण हो जाती है। नेपाल में लगातार बारिश होने के कारण राज्य सरकार ने एक बार फिर सभी संबंधित अधिकारियों को अलर्ट कर दिया है। सरकार स्थिति को लेकर संवेदनशील है और जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।
बिहार के विकास को लेकर मंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘सात निश्चय’ के तहत एक समृद्ध बिहार का सपना देखा था। सरकार इसी संकल्प के साथ जनता के बीच जाएगी और समृद्ध बिहार बनाने के वादे पर लोगों से समर्थन मांगेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी बिहार को विकास की दिशा में आगे ले जाने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार को विकास के लिए अन्य राज्यों की तुलना में अधिक तेजी से काम करने की आवश्यकता है। प्रति व्यक्ति आय और सकल घरेलू उत्पाद बढ़ाने के लिए राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देना जरूरी है। औद्योगिक विकास के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने और बिहार की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम किया जाना चाहिए।
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर दिए गए बयान पर भी अशोक चौधरी ने आपत्ति जताई। उन्होंने कांग्रेस की बिहार में स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी की स्थिति से राज्य की जनता परिचित है। नीतीश कुमार किसी के भरोसे या किसी की बदौलत नेता नहीं बने हैं। सोनिया गांधी जैसे वरिष्ठ नेता को इस तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए था।
वहीं, 2 अक्टूबर को एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष के प्रस्तावित आंदोलन को लेकर अशोक चौधरी ने इसे बेवजह का मुद्दा बनाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर को बिहार सरकार राज्य में महिलाओं के कल्याण और सशक्तीकरण के लिए किए गए कार्यों को प्रमुखता से जनता के सामने रखेगी। सरकार का जोर महिलाओं के विकास और सशक्तीकरण से जुड़ी उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने पर रहेगा।
