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रबी फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी से खुश किसान, लागत बढ़ने के बीच राहत की उम्मीद

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कुशीनगर/धमतरी, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी कर किसानों को राहत देने की घोषणा की है। गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों और कुसुम समेत प्रमुख रबी फसलों के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की गई है। सरकार के इस फैसले पर उत्तर प्रदेश में कुशीनगर के किसानों ने खुशी जताई है।

किसानों का कहना है कि सरकार की ओर से एमएसपी बढ़ाए जाने से उन्हें कुछ राहत मिलेगी, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में खेती की लागत लगातार बढ़ी है। जुताई, बुवाई, खाद, बीज, सिंचाई और मजदूरी पर होने वाला खर्च बढ़ने से खेती करना महंगा हुआ है।

वहीं किसानों ने लावारिस और जंगली पशुओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि खेतों में खड़ी फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाते हैं। कई बार पूरी फसल का एक हिस्सा पशुओं के कारण बर्बाद हो जाता है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि लावारिस पशुओं और नीलगाय की समस्या से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि उनकी मेहनत से तैयार फसल सुरक्षित रह सके।

कुछ किसानों का कहना है कि सरकार एमएसपी के रूप में जितनी अतिरिक्त राशि दे रही है, उसका एक हिस्सा आवारा पशुओं को पकड़ने और उनके रखरखाव की व्यवस्था पर खर्च किया जाए तो भी किसानों को बड़ा लाभ मिल सकता है।

वहीं, कुछ किसानों ने खेती की बढ़ती लागत को देखते हुए एमएसपी में और बढ़ोतरी की मांग की है।

एक किसान ने कहा, “यह किसानों के हित में बहुत अच्छा फैसला है। खेती की लागत बढ़ गई है। जुताई, बुवाई, खाद और बीज समेत हर चीज का खर्च बढ़ा है। ऐसे में एमएसपी में बढ़ोतरी से किसानों को राहत मिलेगी।”

किसान ने कहा कि सरकार को समर्थन मूल्य में और बढ़ोतरी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे गेहूं, धान और सरसों जैसी फसलें उगाते हैं और खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। एमएसपी बढ़ने से किसानों को कुछ अतिरिक्त लाभ मिलेगा।

किसान ने कहा, “जिस तरह महंगाई बढ़ रही है, उसी तरह फसलों के दाम में भी बढ़ोतरी होनी चाहिए। सरकार को किसानों के बारे में और विचार करना चाहिए, ताकि उन्हें खेती से बेहतर लाभ मिल सके। फिलहाल एमएसपी बढ़ाने के लिए हम सरकार का धन्यवाद करते हैं।”

वहीं छत्तीसगढ़ के धमतरी में रबी फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी को लेकर किसानों ने भी खुशी जताई है। केंद्र सरकार ने मार्केटिंग सीजन 2027-28 के लिए छह प्रमुख रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की है। सरकार के मुताबिक इस फैसले से किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिलने के साथ फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।

केंद्र सरकार ने मार्केटिंग सीजन 2027-28 के लिए गेहूं का एमएसपी 2,610 रुपए, जौ का 2,286 रुपए, चना का 5,958 रुपए, मसूर का 7,390 रुपए, सरसों का 6,613 रुपए और कुसुम का 7,215 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है।

धमतरी के किसानों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि खेती की लागत में लगातार बढ़ोतरी के बीच एमएसपी में इजाफा उनके लिए राहत देने वाला कदम है।

किसानों का कहना है कि खाद, बीज, कृषि मशीनरी, सिंचाई और मजदूरी की लागत बढ़ने से खेती पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। ऐसे में फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ने से उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है।

कुछ किसानों ने इस फैसले को किसानों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार जताया। किसानों का कहना है कि एमएसपी में बढ़ोतरी से उनकी आय में सुधार हो सकता है और खेती को आर्थिक रूप से अधिक टिकाऊ बनाने में मदद मिलेगी।