नई दिल्ली, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्षों से मुलाकात की। इस दौरान राहुल गांधी से उत्तर प्रदेश की नवनियुक्त पीसीसी अध्यक्ष आराधना मिश्रा, पंजाब के नवनियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह और ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष मधु गौड़ यास्खी ने मुलाकात की।
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने सभी नवनियुक्त अध्यक्षों को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने को लेकर चर्चा की।
राहुल गांधी ने ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस के चेयरपर्सन मधु गौड़ यास्खी से भी मुलाकात की और प्रोफेशनल्स को पार्टी से जोड़ने की रणनीति पर बातचीत की।
पंजाब के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह ने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मिलना मेरे लिए सौभाग्य की बात थी। मैं पंजाब और वहां के लोगों के हित के प्रति उनके मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और अटूट संकल्प के लिए उनका आभारी हूं।”
परगट सिंह ने आगे लिखा, “नई ऊर्जा और हमारे नेताओं, कार्यकर्ताओं व पंजाब की जनता की सामूहिक शक्ति के साथ, हम कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और पंजाब का बेहतर भविष्य बनाने के लिए अथक प्रयास करेंगे।”
वहीं, उत्तर प्रदेश की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने भी नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। आराधना मिश्रा मोना को हाल ही में उत्तर प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपी गई है। वह अनुभवी नेता प्रमोद तिवारी की बेटी हैं और अमेठी की रामपुर खास सीट से लगातार विधायक रही हैं।
बताया जा रहा है कि राहुल गांधी ने दोनों राज्यों के नए अध्यक्षों को आगामी चुनावों के मद्देनजर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और लोगों से जुड़े मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरने का मंत्र दिया।
पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार है और कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल है। ऐसे में परगट सिंह के सामने संगठन में नई जान फूंकने की बड़ी चुनौती है। वहीं, उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आराधना मिश्रा के सामने पार्टी को फिर से मजबूत बनाने की जिम्मेदारी है।
कांग्रेस पार्टी ने हाल ही में कई राज्यों में संगठन में बड़े बदलाव किए हैं और नए चेहरों को मौका दिया है। इसी कड़ी में यूपी और पंजाब में नए अध्यक्षों की नियुक्ति को अहम माना जा रहा है।
