लखनऊ, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने चुनाव आयोग के खिलाफ इंडिया गठबंधन के नेताओं द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग अपनी हार को पहले से ही स्वीकार कर चुके हैं और अब जनता के बीच जाकर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाकर खुद को बचाना चाहते हैं। आंदोलन करने वाले लोगों को खुद अपने गिरेबान में झांक कर देखना चाहिए।
राजभर ने तंज कसते हुए कहा, “साल 2014 से पहले पूरे देश के सिस्टम पर कांग्रेस का कब्जा था। चुनाव आयोग कांग्रेस की मुट्ठी में था, तो अगर ऐसा था तो चुनाव आयोग और कांग्रेस पार्टी ने मिलकर साल 2014 में पीएम मोदी को प्रधानमंत्री कैसे बना दिया?”
उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, “2012 से 2017 तक उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव का पूरे सिस्टम पर कब्जा था। तो क्या अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से मिलकर अपने सिस्टम से योगी को मुख्यमंत्री बना दिया?”
राजभर ने कहा कि आज जनता पीएम मोदी और सीएम योगी के काम को देखकर वोट दे रही है। जनता समझ चुकी है कि सपा और कांग्रेस काम करने वाली पार्टियां नहीं हैं। इसलिए जनता उन्हें वोट नहीं दे रही है। हार तय देखकर ये लोग पहले से ही ड्रामा कर रहे हैं।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को आए कुल दो साल हुए हैं। अखिलेश यादव की सत्ता तो 2017 में चली गई थी, लगभग 10 साल हो गए। 10 साल पहले चुनाव आयोग किसके नेतृत्व में था? वो तो आपके समय में था जिसने सत्ता ट्रांसफर करा दी। तो आप प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं? ज्ञानेश कुमार के खिलाफ क्यों जा रहे हैं? आपकी तो सत्ता गए 10 साल हो गए।
कांग्रेस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी बंगाल में लंबे समय से सत्ता में नहीं है। कई राज्यों में 30 साल, 40 साल, 35 साल से सत्ता में नहीं है। यूपी में ही कांग्रेस 30 साल से ज्यादा समय से सत्ता में नहीं है। तो क्या ज्ञानेश कुमार ने वहां भी वोट चोरी कर दी? ये सब सिर्फ ड्रामा है और ये ड्रामा पार्टी है।
राहुल गांधी के आरोप कि उन्हें चुनाव आयुक्त से मिलने नहीं दिया जा रहा है, पर राजभर ने कहा कि मिलने का टाइम मांग लें, मिल जाएगा। मीडिया में आकर ये सब बातें बोल रहे हैं। मिलने का सिस्टम है, आप नोटिस दीजिए कि हम मिलना चाहते हैं, चुनाव आयोग आपसे मिल लेगा। बाहर बोलने से थोड़े ही मिलेगा।
सपा में क्रॉस वोटिंग की आशंका और अखिलेश यादव के ‘बात तीन की नहीं, बात चार सौ तीन की है’ वाले सोशल मीडिया पोस्ट पर राजभर ने बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव बहुत उछल रहे थे कि हम ऐसा प्रत्याशी लाएंगे कि पूरा देश बौखला जाएगा और टांय-टांय फिस्स हो गए। पर्चा तक नहीं भरा। किसके कहने पर? भाजपा के कहने पर कि पर्चा भरोगे तो सीबीआई ने जो एफआईआर की है, उसमें तुम्हारा नाम है, जेल चले जाओगे। पर्चा-वर्चा मत भरो, जाओ धरना-प्रदर्शन करो। इधर से ठनक कर चले गए, फिर धरना-प्रदर्शन करने लगे। सपा ने प्रत्याशी नहीं उतारा क्योंकि उन्हें क्रॉस वोटिंग का डर था।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘पहले परिवारवाद ही विकास था, सैफई महोत्सव ही सांस्कृतिक उत्थान था’ वाले बयान पर राजभर ने समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सही कह रहे हैं। प्रदेश में हर जगह 5-6 घंटे बिजली रहती थी तो 24 घंटे सैफई में रहती थी। प्रदेश के विकास का पैसा सैफई में जाता था, वहां नाच होता था, हर साल सैफई महोत्सव होता था।
