पटना, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर के विरोध को लेकर इंडिया गठबंधन के आह्वान पर बुधवार को पटना में महागठबंधन द्वारा आक्रोश मार्च निकाला गया। बिहार में विपक्षी दलों के महागठबंधन के नेताओं ने इन प्रदर्शनों के जरिए निर्वाचन प्रक्रिया और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं और पुतले फूंके। इस कार्यक्रम की घोषणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने की थी।
पटना के इनकम टैक्स गोलंबर पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में राजद, सीपीआईएमएल और सीपीआई समेत महागठबंधन से जुड़े कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और एसाईआर को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। पटना में यह मार्च राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश कार्यालय से वीरचंद पटेल पथ होते हुए इनकम टैक्स गोलंबर तक पहुंचा। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले फूंके गए।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए। इंडिया गठबंधन के नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रहा है। उन्होंने बिहार से शुरू किए गए एसआईआर को लेकर भी अपनी आपत्तियां दोहराईं और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की। आक्रोश मार्च के दौरान इंडिया गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ‘ज्ञानेश भगाओ, लोकतंत्र बचाओ’, ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ और ‘लोकतंत्र को कमजोर करने वाली नीति नहीं चलेगी’ जैसे नारे लगाए।
उन्होंने कहा कि आंदोलन में गठबंधन के विभिन्न घटक दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। राजद के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने बताया कि बुधवार को राज्य के सभी 534 प्रखंडों में आक्रोश मार्च निकाला गया और पुतले फूंके गए। उन्होंने बताया कि आठ अक्टूबर को पटना के शहीद स्मारक से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के नेतृत्व में राजभवन तक मार्च निकाला जाएगा।
इसके साथ ही सभी जिला मुख्यालयों पर इंडिया गठबंधन के घटक दलों की ओर से धरना और आक्रोश कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रस्तावित पटना मार्च में सांसद, पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, विधान पार्षद, पूर्व विधान पार्षद समेत विभिन्न दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे। उन्होंने कहा है कि निर्वाचन प्रक्रिया और एसआईआर से जुड़े मुद्दों को लेकर उसका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
–आईएएनएस
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