जामनगर, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात के जामनगर जिले की एक स्पेशल पॉक्सो (बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण) कोर्ट ने एक व्यक्ति को आठ साल की बच्ची की हत्या के लिए मौत की सजा सुनाई है। बच्ची के साथ लंबे समय तक शारीरिक शोषण किया गया था, जिसमें पिछले साल माचिस की तीलियों से जलाना और लोहे के मूसल से बार-बार हमला करना शामिल था।
ट्रायल के दौरान पेश किए गए सबूतों और अपराध की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने इस मामले को “दुर्लभतम मामलों में से एक” माना।
जामनगर जिले के सिक्का का रहने वाला आरोपी नितिन माणेक हत्या का दोषी पाया गया और उसे मौत की सजा सुनाई गई।
अधिकारियों के मुताबिक, उसे पॉक्सो एक्ट के तहत उम्रकैद की सजा भी सुनाई गई और 50,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया।
यह घटना 2025 में सिक्का में हुई थी। शुरू में अपराध का पता नहीं चला, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
जांच में माणेक की पहचान आरोपी के तौर पर हुई और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने वैज्ञानिक, तकनीकी और दस्तावेज़ी सबूत इकट्ठा किए और घटना के 35 दिनों के भीतर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
ट्रायल के दौरान, सरकारी वकील ने 23 गवाहों से पूछताछ की और पॉक्सो कोर्ट के सामने लगभग 95 दस्तावेजी सबूत पेश किए।
सबूतों और अपराध की परिस्थितियों पर विचार करने के बाद, कोर्ट ने हत्या के लिए मौत की सजा सुनाई, साथ ही पॉक्सो एक्ट के तहत अतिरिक्त सजा भी दी।
फैसले के बाद डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने पुलिस टीम और न्यायपालिका को बधाई दी।
अधिकारियों ने कहा, “मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार ने महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ अपराधों के प्रति जीरो-टॉलरेंस की नीति अपनाई है।”
यह फैसला एक नाबालिग लड़की की हत्या के मामले की जांच और अभियोजन के बाद आया है, जिसमें घटना के कुछ ही दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी गई थी।
