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‘देश में अराजकता फैलाना विपक्ष का लक्ष्य’, राहुल गांधी के मार्च पर भाजपा नेता का आरोप

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नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और इंडिया गठबंधन के नेताओं की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने और अदालत की ओर मार्च करने को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं और देश में अराजकता का माहौल पैदा करना चाहते हैं। इसके अलावा, आरपी सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चुनावी प्रक्रिया संबंधी बयान का समर्थन किया और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सवाल उठाए। साथ ही, उन्होंने गुरुद्वारा बंगला साहिब परिसर में राजनीतिक गतिविधियों को लेकर अपनी आपत्ति जाहिर की।

आरपी सिंह ने विपक्षी नेताओं के सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने पहले कभी ऐसा नहीं देखा कि कोई याचिका दायर करने के लिए दो-तीन हजार कार्यकर्ताओं के साथ अदालत पहुंचे। राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेता सुप्रीम कोर्ट पर दबाव बनाकर अपनी मर्जी के मुताबिक जवाब चाहते हैं। यह देश में अराजकता पैदा करने की कोशिश है। मुझे उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर गंभीरता से विचार करेगा।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि विपक्षी दल लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास नहीं करते, क्योंकि उन्हें लगता है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनाव के माध्यम से नहीं हरा सकते। उन्होंने विपक्ष के लगातार चुनाव हारने का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता उनकी राजनीति को समझ रही है और आगे भी उन्हें जवाब देगी। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के चुनाव का भी जिक्र किया और कहा कि विपक्ष वहां भी जीत हासिल नहीं कर पाया।

आरपी सिंह ने विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों को राजनीतिक नाटक करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के दौरान सबूत होने की बात कही थी, लेकिन अब तक सबूत पेश नहीं किए गए। उन्होंने तर्क दिया कि यदि विपक्ष के पास पर्याप्त तथ्य और साक्ष्य होते, तो सुप्रीम कोर्ट की शुरुआती सुनवाई के दौरान ही चुनाव आयोग के खिलाफ कार्रवाई होती। अदालत ने चुनाव आयोग से जवाब दाखिल करने को कहा था।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन और धरने के लिए जंतर-मंतर का स्थान तय किया है। उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि यदि वे प्रदर्शन करना चाहते हैं, तो निर्धारित स्थान पर जाकर ऐसा करें। दिल्ली में इस तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अखिलेश यादव के इस बयान पर कि जहां उन्हें रोका जाएगा, वहीं जंतर-मंतर बना देंगे, आरपी सिंह ने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख भी विपक्ष के साथ मिलकर अराजकता पैदा करना चाहते हैं। उन्होंने अखिलेश यादव से यह स्पष्ट करने को कहा कि उत्तर प्रदेश में जिन एक लाख वोटों के कटने या जुड़ने की बात की जा रही है, वे बदलाव सही थे या गलत।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर कि विपक्ष चुनाव जीतने पर अपनी उपलब्धियां गिनाता है, लेकिन हारने पर ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाता है, आरपी सिंह ने उनका समर्थन किया। उन्होंने केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में विपक्षी दलों की चुनावी जीत का उल्लेख करते हुए कहा कि जीत के समय चुनाव आयोग पर सवाल नहीं उठाए जाते, जबकि हारने पर संस्थाओं को जिम्मेदार ठहराया जाता है।

आरपी सिंह ने कहा कि विपक्ष के आरोपों का मूल मुद्दा वोट चोरी नहीं, बल्कि उनके नेताओं की सोच से जुड़ा है। यह टिप्पणी उन्होंने विपक्ष के चुनाव आयोग संबंधी आरोपों के जवाब में की।

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी (डीएसजीएमसी) के प्रतिनिधिमंडल द्वारा गुरुद्वारा बंगला साहिब परिसर में हुए हंगामे और राजनीतिक प्रदर्शन को लेकर उपराज्यपाल को पत्र सौंपने के मामले पर भी आरपी सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मैंने खुद राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को पत्र लिखकर मामले का संज्ञान लेने की मांग की है।

उन्होंने आरोप लगाया कि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी की मनाही के बावजूद धार्मिक परिसर का इस्तेमाल राजनीतिक बैठक के लिए किया गया। उन्होंने परिसर में नारेबाजी और पोस्टर दिखाए जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे धार्मिक संस्था की मान्यता को चोट पहुंची है। गुरुद्वारे में दर्शन करने और आशीर्वाद लेने का स्वागत है, लेकिन धार्मिक स्थल का इस्तेमाल राजनीतिक एजेंडे के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि अल्पसंख्यक आयोग इस मामले पर संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करेगा।