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भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी का भंडाफोड़, बचाई गईं मिजोरम की दो नाबालिग लड़कियां

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कोलकाता, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी की एक बड़ी कोशिश को नाकाम करते हुए मिजोरम की दो नाबालिग लड़कियों को बचाया है। इस मामले में दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें से एक को पूरे नेटवर्क का मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है।

एसएसबी के अनुसार, 11 अक्टूबर की शाम करीब 5 बजे पश्चिम बंगाल के पनिटंकी स्थित न्यू ब्रिज पर तैनात 41वीं बटालियन की बॉर्डर इंटेलिजेंस टीम ने भारत से नेपाल जा रही एक कार को रोका। वाहन में तीन लोग सवार थे।

इनमें महेश भूरालाल तन्ना (61), निवासी अहमदाबाद (गुजरात), नवीन कुमार (34), निवासी मुजफ्फरपुर (बिहार) (जो कार चला रहा था) तथा मिजोरम की एक 17 वर्षीय किशोरी शामिल थी।

एक वरिष्ठ एसएसबी अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में किशोरी ने कहा कि वह अपने पिता के परिचित महेश तन्ना के साथ खरीदारी और कैसीनो घूमने के लिए नेपाल जा रही थी। उसने यह भी बताया कि वह पिछले कुछ समय से सिलिगुड़ी के सालुगाड़ा इलाके में तन्ना के किराए के फ्लैट में रह रही थी। उसे मुंबई और गोवा स्थित स्पा सेंटरों में नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया था।

पूछताछ के दौरान अधिकारियों को मामला संदिग्ध लगा। इसके बाद एसएसबी के रानीडांगा सेक्टर मुख्यालय की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और सहयोगी संस्था कोसी लोक मंच को सूचना दी गई।

इसके बाद संयुक्त रूप से विस्तृत पूछताछ की गई। पूछताछ में तन्ना ने स्वीकार किया कि मिजोरम स्थित एक एजेंट ने करीब 10 दिन पहले इस लड़की को उसके पास भेजा था। उसने दावा किया कि लड़की नाबालिग होने के कारण उसे 4,000 रुपए मासिक पर घरेलू काम के लिए रखा गया था।

हालांकि, जांच के दौरान तन्ना के मोबाइल फोन (आईफोन) की तलाशी ली गई। उसमें “रिसेंटली डिलीटेड” फोल्डर में किशोरी और एक अन्य अज्ञात लड़की की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो मिले। अधिकारियों के अनुसार, इससे रोजगार के नाम पर यौन शोषण की आशंका सामने आई।

सबूत दिखाए जाने पर तन्ना ने स्वीकार किया कि एक अन्य नाबालिग लड़की भी सालुगाड़ा स्थित उसके किराए के मकान में रखी गई है।

इस सूचना के बाद एसएसबी ने तुरंत स्थानीय पुलिस और एनजीओ टीम को जानकारी दी। चूंकि सालुगाड़ा क्षेत्र एसएसबी के अधिकार क्षेत्र से बाहर था, इसलिए पुलिस की मदद ली गई।

पुलिस और कोसी लोक मंच की टीम ने सालुगाड़ा स्थित फ्लैट पर छापा मारकर दूसरी नाबालिग लड़की को भी सुरक्षित बचा लिया।

दोनों लड़कियों को चिकित्सकीय जांच के लिए खारीबाड़ी ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया, जहां आवश्यक मेडिकल जांच कराई गई।

बाद में दोनों लड़कियों, महेश तन्ना, नवीन कुमार और जब्त वाहन को खारीबाड़ी पुलिस थाने के हवाले कर दिया गया। मामले में एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

एनजीओ की मदद से दोनों नाबालिगों की काउंसलिंग, सुरक्षित देखभाल और उनके परिवारों तक वापसी की प्रक्रिया शुरू की गई है।

वरिष्ठ अधिकारियों ने इस कार्रवाई में एसएसबी जवानों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। अधिकारियों का कहना है कि भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी एक गंभीर समस्या बनी हुई है और इसे रोकने के लिए खुफिया तंत्र को और मजबूत किया गया है।

हाल ही में त्रिपुरा की छह लड़कियों (जिनमें तीन नाबालिग थीं) को भी नेपाल ले जाकर डांस बार में काम करवाने की कोशिश के दौरान बचाया गया था। एसएसबी मानव तस्करी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए लगातार एनजीओ और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है।