मुंबई, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) ने मंगलवार को लगातार दूसरे दिन एक व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों की जांच जारी रखी। इस दौरान उन्होंने राज्य भर में पांच जगहों पर छापेमारी की और कई लोगों से पूछताछ की।
जांच के दौरान, एजेंसी को एक इंटरनेशनल व्हाट्सऐप ग्रुप का पता चला, जिसमें पाकिस्तान और खाड़ी देशों सहित कई देशों के सदस्य शामिल थे।
अधिकारियों ने बताया कि एटीएस इस ग्रुप की गतिविधियों और सदस्यों के बीच हो रही बातचीत की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इसका संबंध किसी संदिग्ध गतिविधि से है।
इससे पहले सोमवार को, महाराष्ट्र एटीएस ने इस मामले के सिलसिले में रत्नागिरी जिले के राजापुर में रहने वाले एक टीचर से कई घंटों तक पूछताछ की।
अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के बाद टीचर को छोड़ दिया गया, जबकि उस व्हाट्सऐप ग्रुप की जांच जारी रही, जिसमें कथित तौर पर अलग-अलग देशों के सदस्य शामिल थे।
जांच एजेंसी को मिली जानकारी के मुताबिक, ग्रुप में धार्मिक संगठनों से जुड़े लोग भी सदस्य के तौर पर शामिल थे।
खबरों के मुताबिक, ग्रुप में धार्मिक विषयों पर चर्चा होती थी, जिसके बाद एजेंसी ने इन बातचीत और उनमें शामिल लोगों की संभावित गतिविधियों की जांच शुरू की।
एटीएस को शक है कि इस व्हाट्सऐप ग्रुप का संबंध आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन से हो सकता है। हालांकि, अब तक ग्रुप और संगठन के बीच संबंध साबित करने वाली कोई ठोस जानकारी या सबूत नहीं मिला है।
इस संदिग्ध संबंध की जांच चल रही है, और एजेंसी के पास मौजूद जानकारी की जांच के साथ ही और विवरण सामने आने की उम्मीद है।
एजेंसी इस व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़े लोगों की पहचान करने और उनकी बातचीत के तरीके को समझने की कोशिश कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच अभी चल रही है और जानकारी का इंतजार है।
