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‘जब खून में लथपथ निकला टाइगर श्रॉफ का ड्राइवर, तब मचा हड़कंप’, चश्मदीद सलमा ने बताई फायरिंग की खौफनाक कहानी

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मुंबई, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर जुहू में हुई फायरिंग की वारदात का खौफनाक मंजर चश्मदीद महिला सलमा शेख ने बयां किया है। सलमा के मुताबिक, टाइगर जैसे ही गाड़ी लेकर सड़क पर निकले, मच्छर जैसा दुबला-पतला और फुटपाथ पर रहने वाले जैसा दिखने वाला एक लड़का आया और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

सलमा शेख ने कहा, “हमेशा की तरह हमलोग व्लॉग बना रहे थे। शोर-शराबे के साथ जन्मदिन की एक पार्टी चल रही थी। उनके सभी लोग जन्मदिन मनाने के लिए अंदर चले गए, खा-पी रहे थे। पार्टी खत्म करने के बाद, उन्होंने गाड़ी ली और सड़क पर चल दिए।”

उन्होंने कहा कि मैं उस लड़के (हमलावर) का जिक्र भी नहीं कर सकती, मच्छर जैसा दुबला-पतला, गरीब दिखने वाला, जैसे कोई फुटपाथ पर रहने वाला हो। वह आया और फायरिंग करने लगा और सभी को लगा कि कोई दीपावली के पटाखे फोड़ रहा है। लेकिन जब टाइगर की कार रुकी और वह घबराहट में बाहर निकले, और हमलावर फायरिंग करके भाग गया, टाइगर का ड्राइवर निकला और खून दिख रहा था।

दूसरी ओर, इस घटना पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, “पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए जल्द से जल्द कार्रवाई करेगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा, “यह बेहद गंभीर मामला है। मुझे अभी-अभी खबर मिली है कि मुंबई जैसे शहर में, खासकर जुहू इलाके में, जो आमतौर पर भीड़भाड़ वाला इलाका है और जहां कई परिवार आते-जाते हैं, वहां बदमाशों ने बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की है। टाइगर श्रॉफ एक युवा अभिनेता हैं।”

उन्होंने कहा कि हमें सोशल मीडिया के जरिए यह भी पता चला है कि उनके ड्राइवर को चोटें आई हैं। मुंबई को क्या हो गया है? क्या कुछ लोग शहर को फिर से 90 के दशक में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं, जब अंडरवर्ल्ड का बोलबाला था और फिल्मी सितारों को धमकाया जाता था और उन पर गोलियां चलाई जाती थीं? पहले सलमान खान से जुड़ी घटना हुई, फिर रोहित शेट्टी के आवास पर गोलीबारी हुई और अब रविवार शाम को यह घटना हुई है।

एआईएमआईएम प्रवक्ता ने कहा कि जब ये समूह लगातार जिम्मेदारी का दावा कर रहे हैं, तो पुलिस को कार्रवाई करने से क्या रोक रहा है? केंद्र सरकार इसमें शामिल क्यों नहीं हो रही है? सभी को आगे आकर निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए। नहीं तो, यह पुलिस की ओर से लापरवाही भरे रवैये को दर्शाता है, एक-दो लोगों को गिरफ्तार करना और फिर एक हफ्ते बाद फिर से फायरिंग की घटना या मौत हो जाना। इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि मुंबई पुलिस सक्षम है, लेकिन सरकार को कानून-व्यवस्था बहाल करने को प्राथमिकता देने की जरूरत है, जो मुंबई में पूरी तरह से बिगड़ चुकी है। यह बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला है। मुंबई जैसी जगह पर, जुहू जैसे इलाके में, रविवार को नवरात्रि के दौरान, जब परिवारों के साथ घूमने-फिरने के कारण इलाके में भारी भीड़ होती है, वहां बीच सड़क पर आकर किसी का फायरिंग करना सरासर गुंडागर्दी है। यह दर्शाता है कि उन्हें पुलिस या प्रशासन का जरा भी डर नहीं है।

उन्होंने कहा कि सलमान खान के घर और रोहित शेट्टी के घर पर गोलियां चलाई गईं और बाबा सिद्दीकी की हत्या कर दी गई। जब कोई सरकार अपनी मूल प्राथमिकताओं से भटक जाती है, तो ऐसी घटनाएं बढ़ने लगती हैं। मुंबई पुलिस को ‘सिंघम’ माना जाता है और उसे इन बार-बार होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।