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फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग, मुंबई की सुरक्षा को लेकर नेताओं ने दी मिली-जुली प्रतिक्रिया

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मुंबई, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर रविवार को हुई फायरिंग की घटना के बाद मुंबई की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दलों के नेताओं ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, जबकि सत्ता पक्ष के नेताओं ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। इस घटना ने एक बार फिर मुंबई में गैंगवार और फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि जैकी श्रॉफ के बेटे टाइगर श्रॉफ, जो एक फिल्म अभिनेता होने के साथ-साथ खिलाड़ी भी हैं, फुटबॉल खेलकर मैदान से लौट रहे थे, तभी कुछ लोग उनके सामने आए और उन्होंने फायरिंग कर दी। इस घटना में टाइगर को तो चोट नहीं आई, लेकिन उनके ड्राइवर को चोट लग गई है। ऐसा लगता है कि इसमें बिश्नोई गैंग का हाथ है, क्योंकि वे पहले भी इस तरह की फायरिंग और अपराधों में शामिल रहे हैं। सरकार की ओर से किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस मामले की पूरी जांच के आदेश दिए हैं।

शिवसेना नेता आनंद दुबे ने कहा कि मुंबई पूरी तरह सुरक्षित है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पूरे मामले की जानकारी ली है। एकनाथ शिंदे ने एक्टर से मुलाकात भी की है। हमारी सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विदेश में बैठकर अगर कोई सोचता है कि वह मुंबई और बॉलीवुड को डराने की कोशिश करेगा तो वह सारी कोशिश विफल की जाएंगी।

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री संजय शिरसाट ने कहा कि सरकार ने फायरिंग की घटना को बहुत गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने खुद कहा है कि जो भी इसमें शामिल है, उसे न केवल गिरफ्तार किया जाएगा, बल्कि उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने खुद टाइगर से मुलाकात की है। हाल के वर्षों में महाराष्ट्र में गैंगवार को फिर से शुरू करने और डर का माहौल बनाने की कोशिश की गई है। इसमें खास तौर पर फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, ताकि प्रचार मिल सके और अपना दबदबा कायम किया जा सके। लेकिन सरकार ऐसा नहीं होने देगी।

वरिष्ठ वकील माजिद मेमन ने पूरे मामले पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह बहुत दुखद और चिंता की बात है कि मुंबई जैसे शहर में, जुहू जैसे पॉश इलाके में दिनदहाड़े इस तरह की गोलीबारी होती है। मुझे लगता है कि हमारे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, जो राज्य के गृह मंत्री भी हैं, उन्हें इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। लगभग छह महीने पहले बाबा सिद्दीकी की हत्या हुई थी और अब यह घटना सामने आई है। इससे पहले भी धमकियों से जुड़ी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं और ऐसा लगता है कि गैंगवार का एक सिलसिला फिर से शुरू हो रहा है। पिछले 15-20 सालों से मुंबई शांत थी और ऐसी खबरें सुनने को नहीं मिलती थी। लेकिन, पिछले कुछ दिनों में यह चलन फिर से शुरू हो गया है। गनीमत रही कि टाइगर बच गए, वरना जिस तरह से गोलियां चलाई गई थीं, उसमें उनकी जान भी जा सकती थी।

उन्होंने कहा कि 1990 के दशक में, जब गैंगवार और अंडरवर्ल्ड की गतिविधियां अपने चरम पर थीं, तब ये काम देश के बाहर से किए जाते थे। अब ये काम देश के ही दूसरे राज्यों से किए जा रहे हैं। इसमें कुछ भी नया नहीं है। हालांकि, अगर हमारी खुफिया एजेंसियां, पुलिस बल और गृह मंत्रालय के अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को ठीक से निभाएं, तो इस समस्या को खत्म किया जा सकता है। इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। अगर बार-बार एक ही व्यक्ति का नाम सामने आ रहा है और सरकार उस तक पहुंचने या उसे रोकने में नाकाम है, तो यह बहुत चिंता की बात है।

उन्होंने आगे कहा कि मुझे लगता है कि लॉरेंस का नाम बार-बार अखबारों में आता है और वह घटनाओं की जिम्मेदारी भी लेता है। बाबा सिद्दीकी, जो एक मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे, उनकी हत्या कर दी गई, लेकिन इस मामले में कुछ नहीं किया जा सका। इसके बाद भी यही सिलसिला जारी है। सरकार को इस मामले को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए और गैंग लीडरों द्वारा अपने गुर्गों या युवाओं का इस्तेमाल करके गोलीबारी करवाने के इस चलन को खत्म करने के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए।

शिवसेना (यूबीटी) नेता अरविंद सावंत ने कहा कि यह एक बहुत ही गंभीर घटना है। इससे पता चलता है कि हमारी कानून-व्यवस्था की स्थिति कितनी खराब हो गई है। यह वाकई चिंताजनक है। आज सुबह मैंने एक क्लिप देखी, जिसे देखकर ऐसा लगता है कि अब हमारे लिए घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है।