तिरुवनंतपुरम, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने सोमवार को चेतावनी दी कि स्पा की आड़ में चल रही अवैध गतिविधियों के खिलाफ कड़ी जांच और निगरानी शुरू की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अपराधी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा।
यह चेतावनी केरल में रोजगार की तलाश में आई महिलाओं और एक नाबालिग लड़की के यौन शोषण के मामलों की एक श्रृंखला के बीच आई है, जिससे कुछ स्पा और वेलनेस केंद्रों के कामकाज और विनियमन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
राज्य को झकझोर देने वाला ताजा मामला कोवलम के स्पा में आंध्र प्रदेश की 16 वर्षीय लड़की के कथित यौन शोषण का है। अपने माता-पिता को खो चुकी इस लड़की को उसकी मौसी और उसके पति केरल लाए थे और यहां कई महीनों तक उसका शोषण किया गया।
दो स्पा संचालकों को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि पुलिस ने अन्य संलिप्त लोगों का पता लगाने के लिए साइबर विशेषज्ञों सहित एक विशेष जांच दल का गठन किया है। जांचकर्ता एक नगर निगम स्वास्थ्य निरीक्षक से जुड़े संदिग्ध बेनामी संबंधों की भी जांच कर रहे हैं।
इस मामले ने इस चिंता को और पुख्ता कर दिया है कि कुछ प्रतिष्ठान संगठित शोषण रैकेट के लिए मुखौटे के रूप में काम कर रहे हैं और बिचौलियों और ग्राहकों को शामिल करते हुए व्यापक नेटवर्क की संभावना है।
कोच्चि में एक महिला ने स्पा में नौकरी का प्रस्ताव स्वीकार किया लेकिन उसे एडप्पल्ली स्थित एक लॉज में ले जाया गया और मादक पदार्थ देकर उसका यौन उत्पीड़न किया गया। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और पुलिस आरोपियों और अन्य स्पा प्रतिष्ठानों के बीच कथित संबंधों की जांच कर रही है।
जांच में यह आशंका भी जताई गई है कि मुख्य आरोपी का शहर में चल रहे कई स्पा में हित हो सकता है। इसी साल की शुरुआत में तिरुवल्ला से सामने आई एक अन्य परेशान करने वाली घटना में एक आयुर्वेदिक स्पा की महिला कर्मचारी के साथ यौन उत्पीड़न किया गया, जब एक समूह ने उससे फिरौती की रकम मांगी। पुलिस ने बताया कि यह हमला मांगी गई रकम देने से इनकार करने के बाद हुआ।
इस तरह के मामलों की पुनरावृत्ति ने स्पा को नियंत्रित करने वाले नियामक ढांचे को जांच के दायरे में ला दिया है। यह सवाल भी उठ रहे हैं कि वैध लाइसेंस के बिना प्रतिष्ठान कैसे चल रहे हैं और क्या शोषण, मानव तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों का पता लगाने के लिए निरीक्षण पर्याप्त हैं।
पुलिस ने ‘ऑपरेशन स्पा’ के तहत राज्यव्यापी निरीक्षण शुरू किए हैं। पंजीकृत 821 स्पा केंद्रों में से 586 का निरीक्षण किया गया, 14 मामले दर्ज किए गए और कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले 44 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए।
अब चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि प्रवर्तन सनसनीखेज अपराधों के लिए एक अस्थायी प्रतिक्रिया बनकर न रह जाए। वैध चिकित्सीय और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाले स्पा को एक ही तराजू पर नहीं तौला जाना चाहिए। हालांकि, ऐसे प्रतिष्ठानों का उपयोग महिलाओं या नाबालिगों का शोषण करने वालों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रभावी लाइसेंसिंग, नियमित निरीक्षण, कर्मचारी सत्यापन और निरंतर पुलिस निगरानी आगे के दुर्व्यवहार को रोकने के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
