पुणे, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के गोंदिया जिले की आमगांव पुलिस ने अपहरण के एक मामले में सफलता हासिल करते हुए 5 वर्ष के बच्चे को सकुशल छुड़ाया है।
दरअसल, अमरावती शहर में चल रहे गरबा महोत्सव में गरबा देखने में व्यस्त 5 वर्ष के बच्चे को बहला-फुसलाकर एक महिला आमगांव ले आई थी। आमगांव पुलिस और अमरावती पुलिस की सतर्कता से आरोपी महिला को हिरासत में लेकर मासूम बच्चे को सकुशल उसकी मां के पास पहुंचाया गया।
अपहरण की जानकारी मिलते ही अमरावती पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य जांच के जरिए पता लगाया कि महिला बच्चे को लेकर गोंदिया जिले के आमगांव तहसील आई है। इसकी जानकारी अमरावती क्राइम ब्रांच और आमगांव पुलिस को मिली।
जानकारी मिलते ही आमगांव पुलिस ने बच्चे की तलाश शुरू की और रिसामा निवासी रामचरण गुप्ता के यहां एक बच्चा होने की सूचना मिली। घर में प्रवेश करने पर 5 वर्ष का बच्चा बेड पर सोया हुआ मिला। बच्चे की मिली हुई फोटो और सोए हुए बच्चे की फोटो अमरावती क्राइम ब्रांच को भेजकर पहचान की पुष्टि की गई। पुष्टि के बाद अमरावती की जांच टीम आमगांव आकर बच्चे को लेकर अमरावती रवाना हो गई।
अपराधियों के विरुद्ध पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई का एक दूसरा मामला गुरुवार को नई दिल्ली से सामने आया, जहां उत्तर-पूर्वी जिले के एंटी-ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (एएटीएस) ने प्रतिबंधित पटाखों के एक सप्लायर को पकड़ा है। पुलिस ने बताया कि उसके पास से 57.8 किलो प्रतिबंधित पटाखे बरामद किए गए हैं।
आरोपी की पहचान दिल्ली के अशोक नगर निवासी विशाल (35) के रूप में हुई है। जिले में प्रतिबंधित पटाखों की अवैध सप्लाई पर रोक लगाने के लिए चलाए गए एक विशेष अभियान के तहत उसे 21 अक्टूबर को पकड़ा गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी पहले भी तीन आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।
पुलिस के अनुसार, यह ऑपरेशन वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एएटीएस की एक टीम द्वारा चलाया गया। इस टीम का नेतृत्व उत्तर-पूर्व जिले के एएटीएस प्रभारी, इंस्पेक्टर दीपक पांडे कर रहे थे। गुप्त सूचना मिलने पर टीम ने अशोक नगर इलाके में जाल बिछाया और आरोपी को उस समय पकड़ लिया, जब वह प्रतिबंधित पटाखों से भरे कई बोरे ले जा रहा था।
