नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणी और बिहार की राजनीति में चल रहे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने खड़गे के बयान का बचाव करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। वहीं, ओवैसी को जवाब देते हुए उन्होंने समाजवादी पार्टी में मुस्लिम नेताओं की भागीदारी का जिक्र किया। दूसरी ओर, पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान का समर्थन किया है।
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि भाजपा के लोग सोनिया गांधी, राजीव गांधी सहित कांग्रेस के अन्य नेताओं को गाली देते हैं तब कोई कुछ नहीं बोलता है, क्या देश में भाजपा और आरएसएस को ही गाली देने का सर्टिफिकेट मिला है। भाजपा के लोगों को ये नहीं पता कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुहावरा कहा था।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसी देश के नागरिक हैं, जब आपको अमेरिका कुछ बोलता है तो आपके पास कुछ जवाब नहीं रहता है। भाजपा के लोग हमेशा रोते रहते हैं। देश में सभी के मां-बाप का सम्मान होना चाहिए। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के जम्मू-कश्मीर संबंधी बयान पर पप्पू यादव ने कहा कि कश्मीर के मुद्दे बनाना ये भाजपा और आरएसएस का काम है। कश्मीर भारत की संस्कृति, इतिहास और राष्ट्रीय पहचान का अभिन्न हिस्सा है। कश्मीर के लोग भाग के खून में, वो लोग पाकिस्तान छोड़ भारत में रह रहे हैं। अगर आज कश्मीर भारत का हिस्सा है तो इसमें सबसे बड़ी उपलब्धि वहां के लोगों की हो जो भारत को अपना देश मानकर रहते हैं। कश्मीर भारत का हिस्सा है और इसमें वहां के उन लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका है जो संविधान का सम्मान करते हैं तथा भारतीय परंपराओं में विश्वास रखते हैं।
सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया जा रहा है। भाजपा नारों को बदलकर उनका इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में करती है, जो लोकतांत्रिक राजनीति के लिए उचित नहीं है। राजनीति में वास्तविक मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खड़गे का आशय उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई से था, जो संविधान को कमजोर करने या उसे समाप्त करने का प्रयास करते हैं।
सपा प्रवक्ता वर्मा ने भाजपा से सवाल किया कि क्या उसने कभी संविधान को कमजोर करने की कोशिश नहीं की और क्या संसद में कई विधेयक मौखिक मतदान यानी ‘वॉयस वोट’ के जरिए पारित नहीं कराए गए? भाजपा के पास इन सवालों का मुद्दों पर आधारित जवाब नहीं है, इसलिए वह अनावश्यक बयानबाजी कर रही है।
असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए आशुतोष वर्मा ने कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश आने से पहले राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों और समाजवादी पार्टी की स्थिति का अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ओवैसी वर्ष 2017 की बात कर रहे हैं जबकि समाजवादी पार्टी वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य की चर्चा कर रही है। समाजवादी पार्टी में 32 मुस्लिम विधायक और चार मुस्लिम सांसद हैं। इसके अलावा, पार्टी संगठन और विधायी निकायों में भी मुस्लिम नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हुई हैं।
उन्होंने ओवैसी से सवाल किया कि वह उत्तर प्रदेश में अपना पहला उम्मीदवार किस सीट से उतारेंगे। उन्होंने मटेरा और शीशमहल जैसी सीटों का उल्लेख करते हुए ओवैसी की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाए।
