मुंबई, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुंबई पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर देशभर में 255 साइबर अपराधों का खुलासा किया है। इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, 30 जुलाई को मुलुंड की एक निजी कंपनी के अकाउंटेंट को व्हाट्सएप पर कंपनी मालिक की फोटो डीपी लगाकर एक अनजान व्यक्ति ने मैसेज किया और कंपनी के खाते से 10 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए। इस पर मुलुंड पुलिस स्टेशन में अपराध धारा 318(4), 319(2) बीएनएस और 66(सी)(डी) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
जांच में तकनीकी विश्लेषण से पता चला कि ठगी की रकम में से 5.50 लाख रुपए उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक बैंक खाते में जमा हुए हैं। इसी लीड पर पुलिस ने मेरठ से 3 आरोपियों को पकड़ा। उनसे पूछताछ के बाद गाजियाबाद से 1, वडोदरा से 1 और मुंबई के कांदिवली से 1 आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों से 5.50 लाख रुपए नकद और 5 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
पुलिस जांच में आगे बड़ा खुलासा हुआ। एक आरोपी के मोबाइल से मिले 11 बैंक खातों पर देश के 21 राज्यों में 182 साइबर शिकायतें दर्ज हैं। दूसरे आरोपी के 49 बैंक खातों पर 73 शिकायतें मिली हैं। इन सभी शिकायतों में कुल ठगी की रकम लगभग 72 करोड़ रुपए आंकी गई है।
आरोपी टेलीग्राम ग्रुप के जरिए बैंक खाते और सिम कार्ड की खरीद-फरोख्त करते थे। लोगों के मोबाइल में एपीके फाइल इंस्टॉल करवाकर उनके खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम मंगवाने के लिए करते थे। बाद में रकम को अलग-अलग खातों में घुमाकर नकद निकाल लेते थे और यूएसडीटी क्रिप्टो करेंसी में बदल देते थे।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त देवन भारती, सह-आयुक्त मनोज शर्मा, अपर-आयुक्त धनंजय कुलकर्णी, उपायुक्त अभयसिंह देशमुख, सहायक-आयुक्त सुदर्शन होनवडजकर के मार्गदर्शन में वरिष्ठ निरीक्षक संतोष घाटेकर के नेतृत्व में की गई। इस कार्रवाई में उत्तर प्रदेश, गुजरात और राजस्थान पुलिस का भी सहयोग मिला।
साइबर ठगों के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ पुलिस ने जनता से अपील की कि वे अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या सिम कार्ड कमीशन के लालच में किसी को न दें। अनजान व्यक्ति की भेजी एपीके फाइल इंस्टॉल न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करें।

