नई दिल्ली, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। यह दुर्लभ संयोग है कि भारत के 8 राज्य और 5 केंद्र शासित प्रदेश एक ही दिन एक नवंबर को अपना स्थापना दिवस मनाते हैं। सभी राज्यों के गठन का वर्ष भले अलग था लेकिन सभी के लिए एक नवंबर की तारीख ऐतिहासिक रूप में दर्ज है।
1 नवंबर को गठित 8 राज्यों में आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, पंजाब और मद्रास (अब तमिलनाडु) शामिल हैं। इसके अलावा, 5 केंद्र शासित प्रदेशों में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, चंडीगढ़, दिल्ली, लक्षद्वीप और पुडुचेरी शामिल हैं।
मध्य प्रदेश: भारत के मध्य में स्थित मध्य प्रदेश का पुनर्गठन 1 नवंबर 1956 को हुआ था। राज्य इस तिथि को ‘मध्य प्रदेश स्थापना दिवस’ के रूप में मनाता है, जिसमें रंग-बिरंगी परेड, पारंपरिक प्रस्तुतियां और स्थानीय उपलब्धियां हासिल करने वालों को सम्मानित करने के लिए पुरस्कार समारोह आयोजित किए जाते हैं।
छत्तीसगढ़: यह भारत में बनने वाला 26वां राज्य था, जो 1 नवंबर 2000 को अस्तित्व में आया। छत्तीसगढ़ को ‘भारत का धान का कटोरा’ कहा जाता है। हालांकि, पारंपरिक रूप से यह शब्द कृष्णा और गोदावरी नदियों के बनाए डेल्टा क्षेत्र के लिए इस्तेमाल किया जाता है। लगभग 1,35,192 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला यह भारत का नवां सबसे बड़ा राज्य है और यहां की जनसंख्या लगभग 2.55 करोड़ है।
हरियाणा: भाषाई आधार पर पंजाब से अलग करके 1 नवंबर 1966 को इस राज्य का गठन किया गया था। अपने समृद्ध इतिहास और कृषि व खेल के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए पहचाना जाने वाला हरियाणा, अपनी विशिष्ट पहचान का जश्न मनाने के लिए इस दिन सार्वजनिक कार्यक्रम और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित करता है।
पंजाब: 1966 में इसी दिन पंजाबी भाषी लोगों के लिए एक अलग राज्य बनाने के उद्देश्य से पंजाब का पुनर्गठन किया गया था। अपनी जीवंत संस्कृति और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध पंजाब इस दिन को अपनी विरासत और उपलब्धियों को उजागर करने वाले उत्सवों के साथ मनाता है।
आंध्र प्रदेश: यह भाषा के आधार पर गठित होने वाला पहला राज्य था। आंध्र प्रदेश 1 नवंबर 1956 को अस्तित्व में आया, जब ‘राज्य पुनर्गठन अधिनियम’ के तहत हैदराबाद राज्य को विभाजित किया गया था।
कर्नाटक: अपनी जीवंत संस्कृति और टेक्नोलॉजी हब के रूप में मशहूर कर्नाटक पहले मैसूर के नाम से जाना जाता था। यह राज्य 1 नवंबर 1956 को ‘राज्य पुनर्गठन अधिनियम’ के तहत कन्नड़ भाषी क्षेत्रों को मिलाकर पुनर्गठित किया गया था।
केरल: दक्षिण भारत के इस राज्य का गठन भी 1 नवंबर 1956 को मालाबार, कोचीन और त्रावणकोर क्षेत्रों को मिलाकर किया गया था। अपनी प्राकृतिक सुंदरता और साक्षरता के क्षेत्र में उपलब्धियों के लिए पहचाना जाने वाला केरल, अपने गठन का जश्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए मनाता है।
तमिलनाडु: 1 नवंबर 1956 को ‘राज्य पुनर्गठन अधिनियम’ के अंतर्गत तत्कालीन मद्रास प्रेसीडेंसी का भाषाई आधार पर विभाजन किया गया था। हालांकि, 1969 में मद्रास का नाम बदलकर तमिलनाडु रखा गया।
दिल्ली: 1 नवंबर 1956 को राज्यों के पुनर्गठन अधिनियम के तहत दिल्ली को ‘पार्ट-सी’ राज्य से बदलकर एक केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था।
चंडीगढ़: इस शहर की आधारशिला 1952 में रखी गई थी लेकिन एक नवंबर 1966 को राज्य के पुनर्गठन के समय, जब पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश बने, तो इस शहर को पंजाब और हरियाणा दोनों की राजधानी होने का अनूठा गौरव प्राप्त हुआ। साथ ही, इसे एक केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया और यह केंद्र सरकार के सीधे नियंत्रण में आ गया।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: राज्यों के पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के तहत इसी दिन अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को भी ‘पार्ट-सी’ राज्य से बदलकर एक केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था।
लक्षद्वीप: 1 नवंबर 1956 को लक्षद्वीप को भारत के एक अलग केंद्र शासित प्रदेश के रूप में गठित किया गया था, और 1 नवंबर 1973 को इस द्वीप समूह का आधिकारिक नाम बदलकर लक्षद्वीप रख दिया गया।
पुडुचेरी: 1947 में अंग्रेज हमेशा के लिए भारत छोड़कर चले गए लेकिन फ्रांसीसियों का शासन 1954 तक बना रहा। 1 नवंबर 1954 को भारत में फ्रांसीसी कब्जे वाले क्षेत्रों को व्यावहारिक रूप से भारतीय संघ को सौंप दिया गया था, जिसके बाद यह एक केंद्र शासित प्रदेश बना। इसके साथ ही, भारत से 280 वर्षों के फ्रांसीसी शासन का अंत हुआ था।

