एकता नगर, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को गुजरात के नर्मदा जिले के एकता नगर स्थित परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में शामिल हुए। यह समारोह देश के पहले गृह मंत्री और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया।
समारोह के दौरान एकता परेड का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न राज्यों की पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और केंद्रीय पुलिस संगठनों की टुकड़ियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा सुरक्षा बलों के जवानों ने विभिन्न प्रदर्शन किए और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।
इस वर्ष के समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा में सुरक्षा बलों के योगदान और सशस्त्र वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ उनकी भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। परेड में नौ राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की 16 मार्चिंग टुकड़ियों के साथ चार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) और एक मार्चिंग बैंड ने हिस्सा लिया।
परेड के प्रमुख आकर्षणों में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की ‘हेल मार्च’ टुकड़ी, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के पुरुष एवं महिला जवानों का मोटरसाइकिल पर साहसिक प्रदर्शन तथा बीएसएफ की ओर से विभिन्न भारतीय मार्शल आर्ट का संयुक्त प्रदर्शन शामिल रहा।
इसके अलावा स्कूली बच्चों की ओर से पाइप बैंड प्रस्तुति और भारतीय वायुसेना का ‘सूर्य किरण’ फ्लाईपास्ट भी समारोह के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलाई।
इस साल के समारोह में ‘नक्सल मुक्त भारत’ की थीम को विशेष महत्व दिया गया। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, परेड में उन पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की टुकड़ियों को शामिल किया गया, जिन्होंने वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ अभियानों में अग्रिम मोर्चे पर भूमिका निभाई है। इन टुकड़ियों के प्रधानमंत्री के सामने से गुजरने के दौरान उनके कार्यों और उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्में भी दिखाई गईं।
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की ओर से ‘नक्सल मुक्त भारत’ विषय पर एक नाट्य प्रस्तुति भी आयोजित की गई। इसमें उन 126 जिलों से करीब 2,000 कलाकार शामिल हुए, जो कभी सशस्त्र नक्सलवाद से प्रभावित रहे हैं। इस प्रस्तुति के जरिए प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय समुदायों के सामने आई चुनौतियों और शांति एवं विकास की दिशा में हुए बदलाव को दर्शाया गया।
इन जिलों के करीब 5,000 लोगों को भी समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था। वहीं, राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम और झांकियों की थीम ‘वंदे मातरम्’ रखी गई। देशभर से करीब 5,000 कलाकारों ने इसमें हिस्सा लिया और भारत की विभिन्न क्षेत्रीय परंपराओं तथा ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को प्रस्तुत किया।
इस बार झांकियों के डिजाइन में भी बदलाव देखने को मिला। इन्हें सरकारी विभागों और राज्य सरकारों के बजाय राष्ट्रीय एवं गुजरात स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं के माध्यम से नागरिकों से प्राप्त डिजाइनों के आधार पर तैयार किया गया।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार सरोवर बांध के निकट स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचकर सरदार वल्लभभाई पटेल को पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने एकता नगर में 426.71 करोड़ रुपये की लागत वाली 31 पर्यटन एवं बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। इसके अलावा उन्होंने ‘रेन फॉरेस्ट’ और ‘वामन वृक्ष वाटिका’ का भी दौरा किया।
राष्ट्रीय एकता दिवस हर साल 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। स्वतंत्रता के बाद देशी रियासतों के भारत में एकीकरण में पटेल के योगदान को याद करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है। एकता नगर में आयोजित होने वाले वार्षिक समारोह में देश के विभिन्न हिस्सों से सुरक्षा बलों, सांस्कृतिक समूहों और आम नागरिकों की भागीदारी होती है।

