नई दिल्ली, 7 नवंबर (आईएएनएस)। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कुख्यात शूटर हैरी बॉक्सर (हरिचंद जाट) का भारत प्रत्यर्पण होने में कई महीने लग सकते हैं। हैरी को अमेरिका से भारत लाने की प्रक्रिया में जांच एजेंसियों को कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। सूत्रों के मुताबिक, कैलिफोर्निया में अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (आईसीई) की ओर से उसे हिरासत में लिया गया है।
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, हैरी बॉक्सर को भारत में दर्ज मामलों के आधार पर नहीं, बल्कि अमेरिका में इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन के कारण हिरासत में लिया गया है। अमेरिका में सबसे पहले उसका मामला इमिग्रेशन कोर्ट में चलेगा। इसके बाद सुनवाई होगी। इसके बाद भारत को दोनों देशों के बीच हुए प्रत्यर्पण समझौते के तहत औपचारिक रूप से एक प्रत्यर्पण डोजियर (दस्तावेज) भेजना होगा।
इस डोजियर में फॉरेंसिक सबूत, एफआईआर की जानकारी, चार्जशीट और राजस्थान, पंजाब, दिल्ली तथा मुंबई में उसके खिलाफ दर्ज मामलों से जुड़े वॉयस रिकॉर्डिंग जैसे दस्तावेज शामिल होंगे। सीबीआई ने आईएएनएस को बताया कि अमेरिका में प्रत्यर्पण की प्रक्रिया काफी लंबी होती है। आरोपी को अदालत में फैसले को चुनौती देने के कई मौके मिलते हैं। कई मामलों में आरोपी राजनीतिक शरण की मांग भी कर देते हैं, जिससे प्रक्रिया और लंबी हो जाती है।
एक और बड़ी चुनौती यह है कि हैरी बॉक्सर के खिलाफ दर्ज ज्यादातर मामलों की जांच अलग-अलग राज्यों की पुलिस कर रही है, इसलिए विभिन्न राज्यों से जुड़े सभी दस्तावेजों को एक जगह इकट्ठा करके एक संयुक्त डोजियर तैयार करना होगा, जिसे सीबीआई के जरिए विदेश मंत्रालय को भेजा जाएगा।
इस बीच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और मुंबई क्राइम ब्रांच ने उसके खिलाफ दर्ज मामलों से जुड़े दस्तावेज केंद्रीय एजेंसियों को भेजने शुरू कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक अमेरिकी अदालत आवश्यक मंजूरी नहीं देती, तब तक उसे भारत नहीं लाया जा सकता।
हैरी बॉक्सर को भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों की ओर से मिली जानकारी और प्रयासों के बाद अमेरिका में हिरासत में लिया गया है। मुंबई में फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना के बाद भारतीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां उसकी गतिविधियों पर खास नजर रखे हुए थीं।
राजस्थान के नारायणपुर गांव का रहने वाला हैरी बॉक्सर पहले खेलों से जुड़ा हुआ था। जयपुर में वह बॉक्सिंग कोच के तौर पर भी काम कर चुका था। इसी वजह से उसे ‘बॉक्सर’ नाम मिला, लेकिन धीरे-धीरे उसने खेल और खेती-किसानी की दुनिया छोड़कर अपराध की दुनिया में कदम रख लिया।
वह साल 2022 से फरार चल रहा था और बाद में अमेरिका भाग गया। इसके बावजूद भारतीय एजेंसियां उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए थीं।
