साम्प्रतिक परिदृश्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI और मशीन लर्निंग ML

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आकृति शर्मा
आधुनिक तकनीक की दुनिया में, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) ने क्रांति ला दी है। ये प्रौद्योगिकियाँ न केवल हमारे रोजमर्रा के जीवन को बदल रही हैं, बल्कि उद्योगों और व्यवसायों के काम करने के तरीकों में भी व्यापक परिवर्तन कर रही हैं।

एआई और एमएल के उपयोग के साथ, कंपनियाँ अब बड़े पैमाने पर डेटा को समझने और विश्लेषण करने में सक्षम हो रही हैं। इससे उन्हें बेहतर निर्णय लेने, दक्षता बढ़ाने और ग्राहकों को अधिक व्यक्तिगत सेवाएँ प्रदान करने में मदद मिल रही है। हाल के एक सर्वेक्षण के अनुसार, भारत की 70% से अधिक कंपनियाँ अपने व्यापार मॉडल में एआई और एमएल का उपयोग कर रही हैं।

स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में, एआई ने निदान और उपचार में उल्लेखनीय प्रगति की है। अब डॉक्टर एआई आधारित उपकरणों का उपयोग करके रोगियों की बीमारी का पहले से बेहतर और सटीक निदान कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, एआई-आधारित सॉफ्टवेयर का उपयोग करके कैंसर का प्रारंभिक चरण में ही पता लगाया जा सकता है, जिससे उपचार के सफल होने की संभावना बढ़ जाती है।

शिक्षा क्षेत्र में भी एआई ने नई संभावनाएँ खोली हैं। अब शिक्षकों को छात्रों की प्रगति को ट्रैक करने और उनकी आवश्यकताओं के अनुसार पाठ्यक्रम को अनुकूलित करने में मदद मिलती है। एआई-आधारित ट्यूटर छात्रों को उनके सवालों के जवाब तुरंत देने और उनकी समझ को बेहतर बनाने में सहायक साबित हो रहे हैं।

हालांकि, एआई और एमएल के उदय के साथ कुछ चुनौतियाँ भी सामने आई हैं। प्रमुख चुनौतियों में से एक है गोपनीयता और डेटा सुरक्षा। एआई सिस्टम के लिए बड़ी मात्रा में डेटा की आवश्यकता होती है, और यदि इसे सही तरीके से सुरक्षित नहीं किया गया, तो यह गोपनीयता के उल्लंघन का कारण बन सकता है। इसके अलावा, एआई के बढ़ते उपयोग के साथ नौकरियों पर भी प्रभाव पड़ रहा है। कई पारंपरिक नौकरियाँ स्वचालित हो रही हैं, जिससे लोगों को नई स्किल्स सीखने और खुद को अपडेट रखने की आवश्यकता महसूस हो रही है।

इन सबके बावजूद, एआई और एमएल की प्रगति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह तकनीकी विकास हमारे जीवन को बेहतर और अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आने वाले वर्षों में, एआई और एमएल के और भी अधिक उन्नत और उपयोगी अनुप्रयोग देखने को मिलेंगे, जो हमारे समाज और अर्थव्यवस्था को और भी अधिक समृद्ध बनाएंगे।
(लेखिका भोपाल की जागरण लेकसिटी युनिवर्सिटी में सहायक प्राध्यापक (कम्प्यूटर एप्लिकेशन) पद पर कार्यरत हैं.)