मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया ‘विश्व रंग अंतरराष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड-2025 का...
भोपाल : 16 सितम्बर/ हिंदी भाषा के वैश्विक प्रचार – प्रसार और नई पीढ़ी को हिंदी से जोड़ने के उद्देश्य से विश्व रंग फाउंडेशन...
विश्व रंग श्रीलंका 2025 का पोस्टर हुआ लोकार्पित, भारत सहित श्रीलंका, आस्ट्रेलिया, लंदन के...
भोपाल : 13 सितम्बर/ विश्व रंग अंतरराष्ट्रीय चैप्टर के रूप में विश्व रंग श्रीलंका 2025 का आयोजन 29–30 सितम्बर 2025 को कोलंबो (श्रीलंका) में...
‘हिंदी का वैश्विक परिदृश्य : कल, आज और कल’ विषय पर हुई अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी
भोपाल : 13 सितम्बर/ विश्व रंग फाउंडेशन, टैगोर अंतरराष्ट्रीय हिंदी केंद्र , हिंदी विभाग, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी दिवस...
विश्व रंग अंतरराष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड 14 सितंबर से, भारत सहित 65 देशों में आयोजन
भोपाल : 11 सितम्बर/ हिंदी भाषा के वैश्विक प्रचार – प्रसार और नई पीढ़ी को हिंदी से जोड़ने के उद्देश्य से विश्व रंग फाउंडेशन...
उर्दू के सभी रंगों को सहेजा है भोपाल की शायरी ने – संतोष चौबे
भोपाल : 10 सितम्बर/ उर्दू और हिंदी दोनों बहनें हैं। दोनों का विकास साथ हुआ है। उर्दू के सारे रंगों को सहेजने का काम...
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में हुआ ‘उनके हिस्से का प्रेम’ और ‘ग़रीबनवाज़’ कहानियों का मंचन
भोपाल : 7 सितम्बर/ सुप्रसिद्ध कथाकार संतोष चौबे की दो कहानियों 'उनके हिस्से का प्रेम' और 'ग़रीबनवाज़' का मंचन प्रख्यात नाट्य निर्देशक देवेन्द्र राज...
बर्थडे स्पेशल: ‘काकाबाबू’ के जासूसी किरदार से भरा रोमांच, पहला उपन्यास लिखकर डर गए...
नई दिल्ली, 6 सितंबर (आईएएनएस)। बंगाली साहित्य के सबसे प्रसिद्ध और बहुआयामी लेखकों में से एक, सुनील गंगोपाध्याय ने बंगाली साहित्य की दुनिया में बतौर कवि प्रवेश किया था। 1953 में उन्होंने कृत्तिबास नाम की पत्रिका की शुरुआत की, जो बाद में युवा कवियों के लिए एक मंच बन गई। इसके बाद 1965 में उन्होंने पहला उपन्यास 'आत्मप्रकाश' लिखा, लेकिन कवि से उपन्यासकार बनने का अनुभव उनके लिए डरावना था।
साहित्य अकादमी दिल्ली में ‘संतोष चौबे के नए कहानी संग्रह ‘ग़रीबनवाज़’ का हुआ लोकार्पण
भोपाल : 5 सितम्बर/ वरिष्ठ कवि–कथाकार, निदेशक विश्व रंग एवं रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे के ताजा कहानी संग्रह 'ग़रीबनवाज़' का...
एक लेखक की जिंदगी में बहुत सी बाधाएं, कहानी लिखते वक्त हुआ एहसास: दिव्या...
मुंबई, 29 अगस्त (आईएएनएस)। अभिनेत्री दिव्या दत्ता को हाल ही में वेब सीरीज ‘मायासभा’ में देखा गया था। ये एक साउथ इंडियन पॉलिटिकल-थ्रिलर वेब सीरीज है। नेशनल अवॉर्ड जीत चुकीं एक्ट्रेस दिव्या दत्ता को अलग-अलग प्रोजेक्ट में कई बेहतरीन किरदारों में देखा गया। वो एक बेहतरीन एक्ट्रेस होने के साथ ही एक अच्छी लेखिका भी हैं। उन्होंने 'मी एंड मा' और 'द स्टार्स इन माई स्काई: दोज हू ब्राइटन्ड माई फिल्म जर्नी' नाम की दो किताबें लिखी हैं।
सुप्रतिष्ठित कवि–कथाकार श्री संतोष चौबे “सुदीर्घ सेवा सम्मान–2025” से हुए सम्मानित
भोपाल : 28 अगस्त/ आकार वीडियोटेक के प्रतिष्ठित आयोजन ‘आकार फिल्मोत्सव’ में सुप्रसिद्ध कवि–कथाकार एवं विश्व रंग के निदेशक श्री संतोष चौबे को साहित्य,...










