Wednesday, April 29, 2026
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साहित्य

भारतीय ज्ञान परंपरा का अंतिम लक्ष्य ब्रह्मज्ञान तक पहुँचना – संतोष चौबे

भोपाल : 22 अगस्त/ रबींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल में मानविकी एवं उदार कला संकाय तथा संस्कृत प्राच्य भाषा एवं भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र के...

‘वैष्णव की फिसलन’, परसाई की कृति जो आज भी समाज को आईना दिखाती है

नई दिल्ली, 21 अगस्त (आईएएनएस)। आज के दौर में लोग अपने अंदर की कमी को दूर करने से ज्यादा दूसरों में कमी ढूंढने की तलाश में रहते हैं। लोगों को सोच ऐसी हो गई है कि उन्हें लगता है कि वह जो कहते हैं, बोलते हैं वह एकदम सही है और दूसरा व्यक्ति जो कह रहा है वह गलत है उसमें सुधार की जरूरत है। हिंदी साहित्य के एक प्रसिद्ध व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई का व्यंग्य ‘वैष्णव की फिसलन’ उन लोगों पर सटीक बैठती है तो अपनी कमियों को छिपाने के लिए नैतिकता का मुखौटा पहन लेते हैं।

कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, यह समाज की आत्मा और उसकी संवेदनाओं को...

भोपाल : 19 अगस्त/ मध्यप्रदेश की कला और संस्कृति को समर्पित तीन दिवसीय आयोजन “सृजन साधना – कला प्रदर्शनी एवं चर्चा” का भव्य उद्घाटन...

ज़मीं लाल थी आसमां काला का मंचन हुआ एलबीटी में

भोपाल : 17 अगस्त/ रबीन्द्रनाथ टैगोर विष्वविद्यालय के टैगोर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के एम.ए. ड्रामाटिक्स के फाइनल इयर के विद्यार्थियों की अंतिम नाट्य प्रस्तुति...

RNTU में हिन्दी छंद लेखन सर्टिफिकेट कोर्स के दो बैच सम्पन्न हुवा, प्रमाण पत्र...

भोपाल : 7 अगस्त/ छंद ही काव्य का वास्तविक स्वरूप है, आज के मंचों से जिस तरह से मूल छंदों का लोप हो रहा...

दिव्या यादव की पुस्तक “स्टारडस्ट ऑफ इमोशंस” का अरेरा क्लब में आयोजित कार्यक्रम...

भोपाल : 7 अगस्त/ आईसेक्ट पब्लिकेशन, क्लब लिटरटी और स्कोप ग्लोबल स्किल विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में सुश्री दिव्या...

नीदरलैंड्स के ‘साझा संसार अन्तरराष्ट्रीय सम्मान–2025’ से सम्मानित होंगे संतोष चौबे

भोपाल : 5 अगस्त/ नीदरलैंड्स के साझा संसार फाऊण्डेशन द्वारा प्रथम 'साझा संसार अन्तरराष्ट्रीय सम्मान–2025, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय भोपाल के कुलाधिपति, विश्व रंग के...

वनमाली सृजन केंद्रों के राष्ट्रीय सम्मेलन का दूसरा दिन की राष्ट्रीय संगोष्ठियों और गीत...

भोपाल : 2 अगस्त/ वनमाली सृजन केंद्रों के राष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य समापन समारोह पूर्वक हुआ. सर्वप्रथम 'विश्व रंग अतंरराष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड : स्वरूप...

वनमाली जी’ की 113 वीं जयंती पर वनमाली सृजन केन्द्रों के पाँचवें राष्ट्रीय सम्मेलन...

भोपाल। सुप्रसिद्ध कथाकार, शिक्षाविद् एवं विचारक जगन्नाथ प्रसाद चौबे 'वनमाली जी' की 113 वीं जयंती के अवसर पर वनमाली सृजन केन्द्रों के ‘पाँचवें राष्ट्रीय...

यूक्रेन के डॉ. यूरी बोत्वींकिन ने सुनाई हिंदी में रचनाएँ’

भोपाल : 29 जुलाई/ 'डॉ. यूरी बोत्वींकिन' वरिष्ठ रचनाकार एवं अध्यक्ष, हिंदी और भारतीय साहित्य केंद्र, कीव राष्ट्रीय विश्वविद्यालय, यूक्रेन ने रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय,...

खरी बात