Friday, February 20, 2026
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साहित्य

स्मृति शेष: भारतीय कॉमिक्स के जनक ‘प्राण,’ जिनके गढ़े किरदार ‘चाचा चौधरी’ और ‘साबू’...

नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय कॉमिक्स को भारतीय रंग, भावनाएं और जमीनी किरदार देने का श्रेय अगर किसी को जाता है तो वह नाम प्राण कुमार शर्मा का है। उन्हें हम सभी प्यार से 'प्राण' के नाम से जानते हैं। 6 अगस्त 2014 को उनका निधन हुआ था, लेकिन उनके गढ़े किरदार आज भी लाखों दिलों में जिंदा हैं।

वनमाली सृजन केंद्रों के राष्ट्रीय सम्मेलन का दूसरा दिन की राष्ट्रीय संगोष्ठियों और गीत...

भोपाल : 2 अगस्त/ वनमाली सृजन केंद्रों के राष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य समापन समारोह पूर्वक हुआ. सर्वप्रथम 'विश्व रंग अतंरराष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड : स्वरूप...

भारतीय कला के युगपुरुष; मिट्टी से मूर्तियों तक जिनकी कला लोकजीवन की संवेदना का...

नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। जब भारतीय कला के इतिहास में आधुनिकता की पहली गूंज सुनाई दी, तो उसमें सबसे बुलंद स्वर, रामकिंकर बैज का था। ग्रामीण भारत की मिट्टी से निकले इस कलाकार ने न केवल भारतीय मूर्तिकला को एक नई पहचान दी, बल्कि उसे जनता के बीच ले जाकर लोकजीवन, श्रम, संघर्ष और संवेदना का प्रतीक बना दिया।

व्यंग्य के जरिए समाज की नब्ज टटोलती हैं ज्ञान चतुर्वेदी की रचनाएं

नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। 'मूर्खता बहुत चिंतन नहीं मांगती। थोड़ा-सा कर लो, यही बहुत है। न भी करो तो चलता है। तो फिर मैं क्यों कर रहा हूं?'- यह पंक्ति डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी के व्यंग्य की उस चमक को दर्शाती है, जो हंसाते हुए समाज की नब्ज पर गहरी चोट करने का काम करती है। उनके शब्दों में छिपा व्यंग्य समाज को आईना दिखाता है।

वनमाली जी’ की 113 वीं जयंती पर वनमाली सृजन केन्द्रों के पाँचवें राष्ट्रीय सम्मेलन...

भोपाल। सुप्रसिद्ध कथाकार, शिक्षाविद् एवं विचारक जगन्नाथ प्रसाद चौबे 'वनमाली जी' की 113 वीं जयंती के अवसर पर वनमाली सृजन केन्द्रों के ‘पाँचवें राष्ट्रीय...

साहित्यरत्न अन्नाभाऊ साठे की जयंती, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दी श्रद्धांजलि

नागपुर, 1 अगस्त (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साहित्यरत्न अन्नाभाऊ साठे को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने कहा कि अन्नाभाऊ साठे एक ऐसा नाम है, जिन्होंने अपनी लेखनी से अनेक लोगों के बीच चेतना की चिंगारी जाग्रत करने का काम किया।

स्मृति शेष : अरे गुरु, वाह कांठे महाराज बोलिए, तबले की थाप ने बनाया...

नई दिल्ली, 31 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय शास्त्रीय संगीत की दुनिया में कुछ नाम ऐसे हैं, जो समय की सीमाओं को लांघकर अमर हो जाते हैं। पंडित कांठे महाराज ऐसा ही एक नाम हैं, जिन्होंने तबले को न केवल एक वाद्य यंत्र, बल्कि भावनाओं और लय की अभिव्यक्ति का माध्यम बनाया।

उपन्यास सम्राट ‘प्रेमचंद्र’ : हिंदी साहित्य में विशेष योगदान पर ‘कलम के जादूगर’ के...

नई दिल्ली, 30 जुलाई (आईएएनएस)। प्रेमचंद्र के नाम से प्रसिद्ध धनपत राय श्रीवास्तव को 'उपन्यास सम्राट' और 'कलम का जादूगर' कहा जाता है। उन्होंने हिंदी कहानी के यथार्थ को न सिर्फ धरातल दिया, बल्कि अपने अनुभव से उसे समृद्ध भी किया। बाद में वो हिंदी और उर्दू के सर्वाधिक लोकप्रिय उपन्यासकार, कहानीकार एवं विचारक बने।

भारत के महान कार्टूनिस्ट के. शंकर पिल्लई के नेहरू भी थे फैन, बच्चों के...

नई दिल्ली, 30 जुलाई (आईएएनएस)। जब भारत के महान कार्टूनिस्टों की चर्चा होती है, तो आरके लक्ष्मण, मारियो मिरांडा और प्राण कुमार शर्मा जैसे दिग्गजों का नाम स्वाभाविक रूप से सामने आता है। लेकिन इनके साथ-साथ एक और कार्टूनिस्ट थे, जिनके कार्टून्स ने भारतीय समाज, राजनीति और संस्कृति पर अमिट छाप छोड़ी। वह थे के. शंकर पिल्लई (केशव शंकर पिल्लै), जिन्हें शंकर के नाम से जाना जाता है।

यूक्रेन के डॉ. यूरी बोत्वींकिन ने सुनाई हिंदी में रचनाएँ’

भोपाल : 29 जुलाई/ 'डॉ. यूरी बोत्वींकिन' वरिष्ठ रचनाकार एवं अध्यक्ष, हिंदी और भारतीय साहित्य केंद्र, कीव राष्ट्रीय विश्वविद्यालय, यूक्रेन ने रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय,...

खरी बात