सही मायने में भारतीय संस्कृति को अपनाना ही आधुनिकता है
डॉ कपिल भार्गव
आधुनिक युग में ‘आधुनिकता’ को प्रायः पाश्चात्य जीवन-शैली, उपभोगवाद और तकनीकी प्रगति से जोड़ दिया जाता है। परंतु भारतीय दृष्टि से आधुनिकता...
विनीता चौबे के नए संग्रह ‘परछाईं’ का गरिमामय लोकार्पण
भोपाल : 25 दिसंबर/ आईसेक्ट पब्लिकेशन एवं वनमाली सृजन पीठ के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के सभागार में वरिष्ठ...
जयंती विशेष: ‘उल्टे चश्मे’ से दुनिया देखने वाले तारक मेहता, जिनकी रचनाएं गुदगुदाती हैं
मुंबई, 25 दिसंबर (आईएएनएस)। गुजराती साहित्य के प्रसिद्ध हास्यकार, कॉलमनिस्ट और नाटककार और एक ऐसे साहित्यकार, जो दुनिया को सीधे नहीं बल्कि उल्टे चश्मे से देखते थे। जी हां, बात हो रही है तारक जनुभाई मेहता की, जिनकी रचनाएं पाठकों, दर्शकों को आज भी खिलखिलाकर हंसने पर मजबूर करती हैं।
‘विश्व रंग वार्ता’ में विश्वरंग के ऐतिहासिक आयोजनों की साझा हुई यात्रा, अनुभव और...
भोपाल : 20 दिसंबर/ ‘विश्व रंग श्रीलंका’, ‘आरंभ – मुंबई’ और ‘विश्व रंग भोपाल 2025’ जैसे ऐतिहासिक आयोजनों की अपार सफलता और विश्वरंग के...
‘चार्ल्स डिकेन्स’ की एक किताब जिसने क्रिसमस को इंसानियत का त्योहार बना डाला
नई दिल्ली, 18 दिसंबर (आईएएनएस)। शांति, प्यार और खुशियों का त्योहार क्रिसमस करीब है। ईसा मसीह को समर्पित इस दिन पर विशेष इंतजाम किए जाते हैं। वर्षों पहले इसमें खुशियों को एड करने की एक कोशिश चार्ल्स डिकेन्स ने की। एक ऐसी कहानी रची जिसने लोगों की सोच बदली और उस सोच ने इस पर्व को मनाने के तरीके को काफी हद तक बदल डाला।
जेन ऑस्टिन: रोमांस की रानी, जिनकी 19वीं सदी में लिखी कहानियां आज भी दिल...
नई दिल्ली, 15 दिसंबर (आईएएनएस)। 'हर्टफोर्डशायर की उस नृत्य सभा में, जब मिस्टर डार्सी अपने संकोची और अभिमानी स्वभाव के साथ प्रवेश करते हैं और एलिजाबेथ बेनेट उन्हें पहली नजर में नापसंद कर लेती हैं...' वहीं से प्राइड एंड प्रेजुडिस की कहानी आगे बढ़ती है। यह सिर्फ प्रेम कथा की शुरुआत नहीं होती, बल्कि समाज, वर्ग और आत्मसम्मान पर जेन ऑस्टिन की सूक्ष्म टिप्पणी भी सामने आती है। इसी सादे लेकिन अर्थपूर्ण दृश्य में जेन ऑस्टिन की लेखनी की पूरी ताकत दिखाई देती है।
प्रथम अन्तरराष्ट्रीय मैक्समूलर अलंकरण–2025 अलंकरण से सम्मानित हुए संतोष चौबे
भोपाल : 9 दिसंबर/ वरिष्ठ कवि–कथाकार, निदेशक, विश्व रंग एवं रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे को साझा संसार, नीदरलैंड्स के 'प्रथम...
मशीनों से खेलता एक जादूगर: नाम रूब गोल्डबर्ग, बच्चे से बड़ों तक सबके लिए...
नई दिल्ली, 7 दिसंबर (आईएएनएस)। हम लोगों में से अधिकांश ने ऐसे मजेदार वीडियो जरूर देखें होंगे जिसमें छोटा सा काम करने के लिए बेवजह की जटिल मशीनों का इस्तेमाल किया जाता है। जैसे एक गेंद लुढ़कती है, फिर डोमिनोज गिरते हैं, फिर कोई लीवर घूमता है और अंत में एक साधारण-सा बल्ब जल उठता है! अगर ऐसा आपने देखा है तो समझ लीजिए उनकी असली प्रेरणा से रूबरू हो चुके हैं और वो हैं रूब गोल्डबर्ग।
विश्वरंग में आईसेक्ट पब्लिकेशन की पुस्तक प्रदर्शनी रही आकर्षण का केंद्र
भोपाल : 5 दिसंबर/ विश्वरंग के अंतर्गत आयोजित पुस्तक प्रदर्शनी ने इस वर्ष पाठकों और पुस्तक प्रेमियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। 27 से...
70 देशों की भागीदारी के साथ विश्वरंग अंतरराष्ट्रीय शोध सम्मेलन सम्पन्न
भोपाल : 3 दिसंबर/ रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (आरएनटीयू) में विश्वरंग के सातवें संस्करण के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “स्थानीय से वैश्विक :...







