Friday, April 17, 2026
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साहित्य

जब ‘मौत’ ने दिया कवि को जिंदगी का वरदान, जानें गोपालदास नीरज की कहानी

नई दिल्ली, 3 जनवरी (आईएएनएस)। यह कहानी है एक ऐसी शख्यियत की, जिन्हें 'मौत' लंबी उम्र का आशीर्वाद देकर गई तो ईश्वर ने खास कला और हुनर के रूप में हसीन मेहरबानियां कीं। बात हो रही है कि कवि और लेखक गोपालदास नीरज की, जिन्हें हिंदी साहित्य में एक काव्य वाचक और गीत लेखक के रूप में पहचान मिली।

दिल्ली शब्दोत्सव 2026 : प्रतिभागियों ने कहा- शब्दों से जुड़ रहें युवा, हिंदी आज...

नई दिल्ली, 2 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित दिल्ली शब्दोत्सव 2026 का माहौल उत्साह और रचनात्मकता से भरा नजर आ रहा है। आयोजन स्थल पर साहित्य, संगीत और कला का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। शब्दों और सुरों के इस उत्सव में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पहुंचे और उन्होंने अपनी भागीदारी के अनुभव साझा किए।

यादों में अनवर : भगवद् गीता के उर्दू अनुवादक, मुशायरों के चहेते और सामाजिक...

नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। साल था 2018 और तारीख थी 2 जनवरी… जब उर्दू शायरी की दुनिया में अजीब सी खामोशी छा गई। इस दिन उस शख्स ने दुनिया को अलविदा कह दिया, जिसकी आवाज ने मुशायरों को रौशन किया, जिसकी कलम ने संस्कृत के श्लोकों को उर्दू के शेरों में ढाला। उस शख्स ने साहित्य को सामाजिक सौहार्द का जरिया बनाया और उनका नाम था अनवर जलालपुरी।

सही मायने में भारतीय संस्कृति को अपनाना ही आधुनिकता है

डॉ कपिल भार्गव आधुनिक युग में ‘आधुनिकता’ को प्रायः पाश्चात्य जीवन-शैली, उपभोगवाद और तकनीकी प्रगति से जोड़ दिया जाता है। परंतु भारतीय दृष्टि से आधुनिकता...

विनीता चौबे के नए संग्रह ‘परछाईं’ का गरिमामय लोकार्पण

भोपाल : 25 दिसंबर/ आईसेक्ट पब्लिकेशन एवं वनमाली सृजन पीठ के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के सभागार में वरिष्ठ...

जयंती विशेष: ‘उल्टे चश्मे’ से दुनिया देखने वाले तारक मेहता, जिनकी रचनाएं गुदगुदाती हैं

मुंबई, 25 दिसंबर (आईएएनएस)। गुजराती साहित्य के प्रसिद्ध हास्यकार, कॉलमनिस्ट और नाटककार और एक ऐसे साहित्यकार, जो दुनिया को सीधे नहीं बल्कि उल्टे चश्मे से देखते थे। जी हां, बात हो रही है तारक जनुभाई मेहता की, जिनकी रचनाएं पाठकों, दर्शकों को आज भी खिलखिलाकर हंसने पर मजबूर करती हैं।

‘विश्व रंग वार्ता’ में विश्वरंग के ऐतिहासिक आयोजनों की साझा हुई यात्रा, अनुभव और...

भोपाल : 20 दिसंबर/ ‘विश्व रंग श्रीलंका’, ‘आरंभ – मुंबई’ और ‘विश्व रंग भोपाल 2025’ जैसे ऐतिहासिक आयोजनों की अपार सफलता और विश्वरंग के...

‘चार्ल्स डिकेन्स’ की एक किताब जिसने क्रिसमस को इंसानियत का त्योहार बना डाला

नई दिल्ली, 18 दिसंबर (आईएएनएस)। शांति, प्यार और खुशियों का त्योहार क्रिसमस करीब है। ईसा मसीह को समर्पित इस दिन पर विशेष इंतजाम किए जाते हैं। वर्षों पहले इसमें खुशियों को एड करने की एक कोशिश चार्ल्स डिकेन्स ने की। एक ऐसी कहानी रची जिसने लोगों की सोच बदली और उस सोच ने इस पर्व को मनाने के तरीके को काफी हद तक बदल डाला।

जेन ऑस्टिन: रोमांस की रानी, जिनकी 19वीं सदी में लिखी कहानियां आज भी दिल...

नई दिल्ली, 15 दिसंबर (आईएएनएस)। 'हर्टफोर्डशायर की उस नृत्य सभा में, जब मिस्टर डार्सी अपने संकोची और अभिमानी स्वभाव के साथ प्रवेश करते हैं और एलिजाबेथ बेनेट उन्हें पहली नजर में नापसंद कर लेती हैं...' वहीं से प्राइड एंड प्रेजुडिस की कहानी आगे बढ़ती है। यह सिर्फ प्रेम कथा की शुरुआत नहीं होती, बल्कि समाज, वर्ग और आत्मसम्मान पर जेन ऑस्टिन की सूक्ष्म टिप्पणी भी सामने आती है। इसी सादे लेकिन अर्थपूर्ण दृश्य में जेन ऑस्टिन की लेखनी की पूरी ताकत दिखाई देती है।

प्रथम अन्तरराष्ट्रीय मैक्समूलर अलंकरण–2025 अलंकरण से सम्मानित हुए संतोष चौबे

भोपाल : 9 दिसंबर/ वरिष्ठ कवि–कथाकार, निदेशक, विश्व रंग एवं रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे को साझा संसार, नीदरलैंड्स के 'प्रथम...

खरी बात