‘मोदी का परिवार सीमाओं से परे’ : पीएम मोदी ने रात्रि भोज पर भूटान नरेश के परिवार से मुलाकात की

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थिम्पू, 25 मार्च (आईएएनएस)। यहां एक दुर्लभ और विशेष भावपूर्ण दृश्‍य उस समय देखा गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भूटान नरेश ने अपने आवास पर एक निजी रात्रिभोज के लिए आमंत्रित किया, जहां वे एक परिवार के रूप में एक-दूसरे से जुड़े।

पीएम मोदी ने 22-23 मार्च को हिमालयी राज्य का दौरा किया था। यह पहली बार था कि किसी भारतीय नेता की मेजबानी नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक के निवास लिंगकाना पैलेस में की गई ।

एक्स पर साझा की गई तस्वीरों में पीएम मोदी को राजा वांगचुक, रानी जेत्सुन पेमा और उनके तीन बच्चों – प्रिंस जिग्मे नामग्याल वांगचुक, प्रिंस जिग्मे उग्येन वांगचुक और राजकुमारी सोनम यांगडेन के साथ बैठे देखा जा सकता है, जिनका जन्म पिछले साल हुआ था।

पीएम मोदी के गर्मजोशी और स्नेह भरे पक्ष की तस्वीरों में से एक में वह प्रिंस उगयेन के साथ दिलचस्प बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं और दूसरे में वह दोनों राजकुमारों के साथ हैं।

2016 में जन्मे प्रिंस जिग्मे नामग्याल, जो एक तस्वीर में पीएम मोदी के साथ खड़े हैं, भूटानी सिंहासन के उत्तराधिकारी हैं।

इस रातमहल का महत्व इसलिए है, क्योंकि राजा वांगचुक और रानी जेत्सुन पेमा ने वर्ष 2016, 2020 और 2023 में यहीं अपने बच्चों के जन्म का स्वागत किया था।

एक दशक में भूटान की अपनी तीसरी यात्रा के दौरान पीएम मोदी द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के उनके प्रयासों की मान्यता में भूटान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो से सम्मानित होने वाले पहले विदेशी नेता बने।

किंग वांगचुक से पुरस्कार प्राप्त करने पर पीएम मोदी ने रेखांकित किया कि यह भारत के लोगों को दिया गया सम्मान है और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों की उत्कृष्ट स्थिति का प्रमाण है।

पीएम मोदी ने आने वाले पांच वर्षों में हिमालयी राष्ट्र के लिए 10,000 करोड़ रुपये की सहायता की भी घोषणा की और कहा कि भारत आत्मनिर्भरता हासिल करने और उच्च आय वाला राष्ट्र बनने के प्रयासों में भूटान के साथ मजबूती से खड़ा है।

पीएम मोदी के लिए एक और विशेष संकेत में राजा वांगचुक और पीएम त्शेरिंग टोबगे दोनों, आधिकारिक यात्रा समाप्त होने पर नेता को हवाईअड्डे पर छोड़ने आए।

इस भाव से प्रभावित होकर पीएम मोदी ने कहा कि वह ‘सम्मानित’ हैं और भूटान के अद्भुत लोगों को उनकी गर्मजोशी और आतिथ्य के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि “भारत हमेशा भूटान के लिए एक विश्‍वसनीय मित्र और भागीदार रहेगा।”