Monday, June 29, 2026
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डीओजे का अदाणी ग्रुप के खिलाफ मामला कमजोर और आधारहीन : यूएस अटॉर्नी के इस्तीफे पर बोले महेश जेठमलानी

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नई दिल्ली, 20 दिसंबर (आईएएनएस)। अमेरिकी न्याय विभाग (डीओजे) का अदाणी ग्रुप के अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार केस में आरोप पत्र काफी कमजोर है। यह बयान वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने शुक्रवार को इस मामले के अमेरिकी अटॉर्नी ब्रियोन पीस द्वारा इस्तीफे की घोषणा के बाद दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अदाणी समूह के अधिकारियों के खिलाफ आरोप पेश करने वाले ब्रुकलिन के अमेरिकी अटॉर्नी पीस ने 10 जनवरी को पद छोड़ने की घोषणा की है।

अमेरिका में 20 जनवरी को अगले राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप कार्यभार संभालेंगे।

पीस को 2021 में मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा नियुक्त किया गया था, उनकी जगह फर्स्ट असिस्टेंट अमेरिकी अटॉर्नी कैरोलिन पोकोर्नी को नियुक्त किया जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेठमलानी ने कहा कि अमेरिकी अदालत में अदाणी का मामला पहले से ही बहुत कमजोर था। आरोप पत्र को साबित करने के लिए कोई सबूत या आधार नहीं था। भारतीय संसद में इस मुद्दे पर विपक्ष द्वारा किया गया हंगामा निराधार है।

पीस का इस्तीफा पहले से ही अपेक्षित था, क्योंकि ट्रंप के नेतृत्व में अगला अमेरिकी प्रशासन उनसे पद छोड़ने के लिए कह सकता था।

पिछले सप्ताह एफबीआई निदेशक क्रिस रे के अगले साल की शुरुआत में अपने पद से इस्तीफा देने की खबर के बाद अदाणी समूह के शेयरों में तेजी देखी गई थी। उनकी जगह अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप ने काश पटेल को नियुक्त किया है।

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे पहले हेज फंड्स की ओर से आरोप लगाए जाने के बाद भी अदाणी ग्रुप ने शेयरों ने बाजार में तगड़ा कमबैक किया था। अमेरिका का यह आरोप पत्र भी कुछ दिनों में समाप्त हो जाएगा।

नवंबर में अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा लगाए गए आरोपों को अदाणी ग्रुप ने जोरदार तरीके से खारिज करते हुए कहा था कि ये आरोप “सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी का दुर्भावनापूर्ण, शरारती और जोड़-तोड़पूर्ण चयन” है, जिसका उद्देश्य “तथ्यों और कानून की अवहेलना करते हुए व्यक्तिगत मुनाफाखोरी के लिए पूर्वनिर्धारित निष्कर्ष पर पहुंचना” है।