फोन टैपिंग के आरोपों पर कांग्रेस नेताओं को नोटिस भेजेंगे केटीआर

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हैदराबाद, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामा राव ने मंगलवार को कहा कि वह तेलंगाना के एक मंत्री समेत दो कांग्रेस नेताओं को मानहानि के लिए कानूनी नोटिस देंगे। इन नेताओं ने आरोप लगाया है बीआरएस जब सत्ता में थी, तब केटीआर ने फोन टैपिंग का आदेश दिया था।

पर्यावरण और वन मंत्री कोंडा सुरेखा ने यह भी दावा किया है कि रामा राव फोन टैपिंग में शामिल थे और फिल्म अभिनेत्रियों को धमकी दी थी।

केटीआर ने दो समाचार रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया देते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “इन दोनों कांग्रेस नेताओं (मंत्री सहित) को मानहानि और बदनामी के लिए कानूनी नोटिस दिए जाएंगे। वे या तो इन शर्मनाक, निराधार और निरर्थक आरोपों के लिए माफी मांगें या कानूनी परिणाम भुगतें।”

बीआरएस नेता ने कहा, “उन समाचार आउटलेटों को भी कानूनी नोटिस भेजा जाएगा, जो तथ्यों की पुष्टि किए बिना इसे फैला रहे हैं।”

सिरसिला से कांग्रेस नेता के.महेंद्र रेड्डी और महबूबनगर विधायक येन्नम श्रीनिवास रेड्डी ने सोमवार को हैदराबाद पुलिस आयुक्त के.श्रीनिवास रेड्डी से मुलाकात कर फोन टैपिंग में केटीआर की कथित भूमिका की जांच की मांग की थी।

विधायक श्रीनिवास रेड्डी ने चुनाव से पहले अपने फोन टैप किए जाने की शिकायत पहले ही डीजीपी रवि गुप्ता से की थी। उन्होंने दावा किया कि यह एक पूर्व बीआरएस मंत्री के आदेश पर किया गया था।

महेंद्र रेड्डी ने कहा कि फोन टैपिंग के आधार पर, बीआरएस के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें राजन्ना सिरसिला जिले के बीआरएस नगरसेवकों को कांग्रेस में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित नहीं करने की चेतावनी दी।

कोंडा सुरेखा ने सोमवार को यह भी आरोप लगाया कि केटीआर फोन टैपिंग में शामिल थे और फिल्म अभिनेत्रियों को धमकी दी थी।

मंत्री ने फोन टैपिंग के आरोपी पुलिस अधिकारियों के बयानों का हवाला दिया। उन्होंने कथित तौर पर कबूल किया कि उन्होंने टॉलीवुड की शीर्ष हस्तियों के फोन की जासूसी की थी, विवरण शेयर किए थे और उनमें से कुछ से जबरन वसूली भी की थी।

फोन टैपिंग मामले में पुलिस पहले ही चार पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें पूर्व डीसीपी, टास्क फोर्स, राधा किशन राव भी शामिल हैं। जांच टीम ने विशेष खुफिया शाखा (एसआईबी) के पूर्व प्रमुख प्रभाकर राव के लिए भी लुकआउट नोटिस जारी किया है।

एसआईबी में अधिकारियों की एक टीम ने कथित तौर पर प्रतिपक्ष के नेताओं और उनके परिवारों व सत्तारूढ़ दल के भीतर असंतुष्टों के फोन टैप किए।