पाक पीएम पांच दिनों की यात्रा पर चीन रवाना

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इस्लामाबाद, 4 जून (आईएएनएस)। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पांच दिनों की अपनी चीन की यात्रा पर रवाना हो गए हैं।

शहबाज शरीफ अधिक ऋण, बुनियादी ढांचा सौदों और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के तहत चल रही परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए चीन की यात्रा पर निकले हैं।

पीएम शहबाज शरीफ अपनी पांच दिवसीय यात्रा में बीजिंग में शीर्ष नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण बैठकों में शामिल होंगे। इसके साथ ही वह बीजिंग, शीआन और शेनझेन का दौरा करेंगे।

पाकिस्तान अधिक निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर करने और सीपीईसी के तहत विलंबित परियोजनाओं को गति देने और इस्लामाबाद की कमजोर अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए चीन की ओर देख रहा है।

सीपीईसी चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) का एक प्रमुख घटक है। 62 बिलियन डॉलर की इस परियोजना को औपचारिक रूप से 2015 में लॉन्च किया गया था। इसे नकदी की कमी से जूझ रहे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा गेम चेंजर बताया जा रहा था।

इस परियोजना में प्रमुख ग्वादर पोर्ट बिजली संयंत्र और पूरे पाकिस्तान में सड़क नेटवर्क शामिल है।

शहबाज शरीफ की चीन की यात्रा का प्रमुख लक्ष्य अपनी देश की रुकी हुई परियोजनाओं में तेजी लाना और निवेश तलाशना है।

पाकिस्तान विदेश कार्यालय की एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, ”प्रधानमंत्री इस यात्रा में तेल और गैस, ऊर्जा, आईसीटी और उभरती प्रौद्योगिकियों में काम करने वाली अग्रणी चीनी कंपनियों के कॉर्पोरेट अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। शेनझेन में वे दोनों देशों के प्रमुख व्यवसायियों, उद्यमियों और निवेशकों के साथ चीन-पाकिस्तान व्यापार मंच को संबोधित करेंगे।

बयान में कहा गया , “दोनों देश ऑल-वेदर स्ट्रेटेजिक कोऑपरेटिव पार्टनरशिप को मजबूत करने, चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को उन्नत करने, व्यापार और निवेश को आगे बढ़ाने, सुरक्षा और रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और शिक्षा में सहयोग बढ़ाने, सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने पर बात करेंगे। इससे पाकिस्तान-चीन दोस्ती का भविष्य तय होगा।”

प्रधानमंत्री की चीन यात्रा से एक दिन पहले चीनी विद्युत संयंत्रों को एकमुश्त भुगतान सुनिश्चित किया गया, जिसका उद्देश्य चीनी कंपनियों का बकाया कम करना था, ताकि गतिरोध दूर किया जा सके और 600 मिलियन डॉलर के वाणिज्यिक ऋण के साथ-साथ बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए अधिक वित्तपोषण प्राप्त करने की बेहतर स्थिति में पहुंचा जा सके।

अपनी इस यात्रा में शहबाज शरीफ ऊर्जा से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं में प्रगति की उम्मीद कर रहे हैं, जिसमें सीपीईसी की मेन लाइन परियोजना, कोहाला हाइड्रोपावर परियोजना, आजाद पट्टन हाइड्रो पावर परियोजना और काराकोरम राजमार्ग विस्तार शामिल है।

पाकिस्तान चीन से कम से कम 600 मिलियन डॉलर का वाणिज्यिक ऋण लेने का लक्ष्य बना रहा है।

बता दें कि चीन ने पहले भी पाकिस्तान को ऋण राशि देने से इनकार कर दिया था। इस्लामाबाद ऊर्जा रूपरेखा समझौते का सम्मान करने में विफल रहा था।

शहबाज शरीफ का लक्ष्य पाकिस्तान में चीनी नागरिकों की सुरक्षा पर ध्यान देना है। एक हमले में पांच चीनी नागरिकों की मौत के मामले में शहबाज ने कहा कि इस तरह की घटनाएं भविष्य में नहीं होने दी जाएगी।