तेहरान, 27 मई (आईएएनएस)। तेहरान में व्यापारियों, उद्योगपतियों और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने बुधवार को अहम बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक मोर्चे पर है और भरोसा दिलाया कि सरकार देश की आर्थिक मजबूती बढ़ाने के लिए निजी क्षेत्र को हर संभव सहयोग देगी।
उन्होंने कहा कि सरकार आर्थिक गतिविधियों में आ रही बाधाओं को दूर करने और कारोबार के लिए बेहतर माहौल तैयार करने को लेकर प्रतिबद्ध है, ताकि देश बाहरी दबावों और संकटों का मजबूती से सामना कर सके।
सरकारी ब्रॉडकास्टर प्रेस टीवी के अनुसार, राष्ट्रपति ने कहा, “आज असली लड़ाई अर्थव्यवस्था और लोगों की रोजी-रोटी की है। इस आर्थिक युद्ध का सबसे बड़ा बोझ व्यापारियों, उत्पादकों और निजी क्षेत्र पर पड़ रहा है।”
मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि सरकार निजी क्षेत्र को देश की ताकत का अहम स्तंभ मानती है और उसे कमजोर नहीं पड़ने देगी। उनके मुताबिक, जितना अधिक सक्षम और सक्रिय निजी क्षेत्र होगा, उतनी ही देश की आर्थिक नींव मजबूत होगी।
बैठक में गृह, वित्त और कृषि मंत्रियों समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान व्यापार, विदेशी मुद्रा, टैक्स, बैंकिंग, कस्टम और बाजार व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा हुई।
राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उनकी सरकार को पहले से मौजूद आर्थिक असंतुलन, युद्ध जैसे हालात और बाहरी राजनीतिक दबावों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने सरकार, निजी क्षेत्र और अन्य संस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने पारदर्शिता, आपसी भरोसे और भ्रष्टाचार के खिलाफ संयुक्त प्रयासों को जरूरी बताते हुए कहा कि मुश्किल आर्थिक दौर से निकलने के लिए सभी पक्षों की ईमानदार भागीदारी बेहद अहम है।
पेजेश्कियन ने दावा किया कि अमेरिका और इजरायल सैन्य मोर्चे पर अपने मकसद हासिल नहीं कर पाए, इसलिए अब वे ईरान की अर्थव्यवस्था और लोगों की आजीविका को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “सैन्य मोर्चे पर असफल होने के बाद दुश्मन अब देश की आर्थिक मजबूती को कमजोर करने और लोगों की जिंदगी प्रभावित करने पर ध्यान दे रहा है।”
ईरानी राष्ट्रपति ने व्यापार और उद्योग जगत से जुड़े लोगों से अपील की कि वे देश की मौजूदा असाधारण परिस्थितियों और सरकार की सीमाओं को समझने के साथ ही राष्ट्रीय हितों की रक्षा और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सहयोग करें।
राष्ट्रपति ने कहा, “कठिन आर्थिक परिस्थितियों से सफलतापूर्वक बाहर निकलने के लिए आपसी भरोसा, पारदर्शिता, जिम्मेदारी और सभी क्षेत्रों की सच्ची भागीदारी बेहद जरूरी है।”

