अहमदाबाद, 18 मई (आईएएनएस)। सुरेंद्र नगर जिले में कुछ दिनों पहले मिले शव के मामले में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने बड़ा खुलासा किया है। शुरुआत में जिस मामले को एक्सीडेंटल डेथ माना जा रहा था, अब जांच के बाद वह सुनियोजित हत्या निकला। इसके पीछे किसी और का नहीं, बल्कि मृतक की पत्नी का हाथ था, जिसने अपने आशिक के साथ मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया।
यह मामला ध्रांगधरा तालुका के सोल्दी गांव निवासी शांतिगिरी विष्णुगिरी गोस्वामी की मौत से जुड़ा है। उनकी लाश नहर इलाके से बरामद हुई थी और शुरुआती तौर पर इसे हादसा माना गया था, लेकिन अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने ह्यूमन इंटेलिजेंस और सीक्रेट फील्ड इन्वेस्टिगेशन के जरिए पूरे मामले का चौंकाने वाला खुलासा किया।
जांच में सामने आया कि मृतक की पत्नी जागृतिबेन के कांतिलाल उर्फ भरतभाई सबारिया के साथ लंबे समय से करीबी संबंध थे। इसी रिश्ते और घरेलू विवादों के चलते शांतिगिरी को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। पुलिस के मुताबिक करीब डेढ़ साल पहले जागृतिबेन ने डीसा-पालनपुर में रहने वाले यूनुस मेमन को शांतिगिरी की हत्या की सुपारी दी थी। हालांकि उस समय हत्या की योजना सफल नहीं हो सकी थी।
क्राइम ब्रांच की जांच में यह भी सामने आया कि कांतिलाल उर्फ भरतभाई सबारिया ने हत्या और सबूत मिटाने में अहम भूमिका निभाई। वहीं, जागृतिबेन पर हत्या की साजिश रचने, अपराध में मदद करने और पूरे मामले को छिपाने के आरोप लगे हैं। आरोपियों ने आसपास के लोगों में यह बात फैला दी थी कि शांतिगिरी अपनी मर्जी से घर छोड़कर चले गए हैं। हालांकि, उनकी गुमशुदगी की कोई आधिकारिक शिकायत भी दर्ज नहीं कराई गई, जिससे मामला लंबे समय तक दबा रहा।
क्राइम ब्रांच ने कई गुप्त जानकारियों और सबूतों को जोड़ते हुए पहले मृतक की पहचान की और फिर हत्या की पूरी साजिश का पर्दाफाश किया। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

