अयोध्या, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गुरुवार को राम नगरी अयोध्या के दौरे पर रहेंगे। वह पूर्व मंत्री और अयोध्या के पूर्व विधायक तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय के आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम को लेकर समाजवादी खेमे में उत्साह है। वहीं, सत्ता पक्ष द्वारा इस दौरे को लेकर दिए जा रहे बयानों पर सपा और कांग्रेस नेताओं ने पलटवार भी किया है।
अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, “समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव आज यहां चल रहे भागवत कथा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आ रहे हैं। अपने संसदीय क्षेत्र के सम्मानित लोगों की ओर से मैं उनका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन करता हूं।”
वहीं, लखनऊ में पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने कहा, “अखिलेश यादव को इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। पवन पांडेय ने पहले से ही इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर रखी थी और सभी प्रोटोकॉल पूरे हो चुके हैं। आज राष्ट्रीय अध्यक्ष वहां पहुंचेंगे। यह एक बड़ा आयोजन है। इस बहाने वह कार्यकर्ताओं से भी मिलेंगे और स्थानीय राजनीति तथा आगामी चुनावों में संभावित उम्मीदवारों को लेकर भी मंथन होगा। यह 2027 के विधानसभा चुनाव की हमारी रणनीति का हिस्सा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष पूरी तरह से चुनावी तैयारियों में जुटे हुए हैं।”
अखिलेश यादव के इस अयोध्या दौरे पर कांग्रेस ने भी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा, “अखिलेश यादव अयोध्या जा रहे हैं। अयोध्या जाने के लिए कोई वीजा नहीं लगता। यह उनकी निजी, धार्मिक और आध्यात्मिक यात्रा है। वे पवन पांडेय के यहां हो रही भागवत कथा सुनने जा रहे हैं और यदि प्रभु श्री राम का आदेश रहा तो वे रामलला के दर्शन भी करेंगे।”
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “जब अखिलेश यादव अयोध्या जा रहे हैं तो भाजपा और उसके इकोसिस्टम के पेट में दर्द क्यों हो रहा है, यह समझ से परे है। भाजपा ने प्रभु श्री राम के नाम का केवल राजनीतिक इस्तेमाल किया है और उनके चढ़ावे तक में घोटाला किया है, इसलिए वह डरी हुई है।”
