नई दिल्ली, 17 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तृतीय सरसंघचालक बालासाहब देवरस की पुण्यतिथि पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। अमित शाह ने कहा कि आपातकाल के कठिन दिनों में भी संघ को आकार देने वाले और युवाओं को लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रेरित करने वाले बालासाहब हम सभी की प्रेरणा बने रहेंगे।
गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तृतीय सरसंघचालक बालासाहब देवरस को उनकी पुण्यतिथि पर नमन। राष्ट्रसेवा, सामाजिक समरसता और युवाओं के चरित्र निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले बालासाहब देवरस अस्पृश्यता को सबसे बड़ा अभिशाप मानते थे। आपातकाल के कठिन दिनों में भी संघ को आकार देने वाले और युवाओं को लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रेरित करने वाले बालासाहब हम सभी की प्रेरणा बने रहेंगे।”
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने ‘बालासाहब देवरस’ को नमन करते हुए ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “बालासाहब देवरस का संपूर्ण जीवन राष्ट्र आराधना, सामाजिक समरसता, वंचित वर्ग के उत्थान और मां भारती के गौरव की स्थापना के लिए समर्पित रहा। हम सभी के लिए उनका कृतित्व सदैव अनुकरणीय है। उनका ओजस्वी व्यक्तित्व और राष्ट्र-प्रथम की दिशा में किया गया कार्य राष्ट्रप्रेमियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।”
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पोस्ट किया, “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तृतीय सरसंघचालक, संगठन शक्ति और राष्ट्रनिष्ठ विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने वाले बालासाहब देवरस की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। उनका जीवन त्याग, अनुशासन और राष्ट्रनिर्माण के प्रति अटूट समर्पण का ऐसा उदाहरण है, जो आज भी समाज को एकजुटता, सेवा व कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।”
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिखा, “मां भारती के सच्चे सेवक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तृतीय सरसंघचालक परम पूज्य बालासाहब देवरस की पुण्यतिथि पर शत-शत नमन करता हूं। आपका आदर्श जीवन और ओजस्वी विचार सर्वदा भावी पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते हुए राष्ट्र के नवनिर्माण और समाज की उन्नति के कार्यों के लिए प्रेरित करते रहेंगे।”
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी ‘बालासाहब देवरस’ की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा, “बालासाहब देवरस जी ने सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के विचार को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध जनजागरण का उनका अभियान, सेवा कार्यों के विस्तार, श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को वैचारिक आधार प्रदान करने व आपातकाल के विरुद्ध लोकतंत्र की रक्षा के लिए उनका योगदान राष्ट्रजीवन में सदैव स्मरणीय रहेगा।”
नितिन नवीन ने आगे लिखा, “सामाजिक समरसता, राष्ट्रसेवा और सांस्कृतिक चेतना के पुरोधा के रूप में उनका ध्येयनिष्ठ जीवन हम सभी को एक सशक्त, संगठित और आत्मगौरव से परिपूर्ण भारत के निर्माण हेतु निरंतर प्रेरित करता रहेगा।”

