मुंबई, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अक्सर थ्रिलर और रोमांस देखने को मिलता है, लेकिन इस बीच डार्क कॉमेडी फिल्म ‘कैंडी एंड द पिज्जा गर्ल’ ओटीटी पर स्ट्रीम हो रही है। यह फिल्म मुंबई की पृष्ठभूमि पर आधारित अजीबोगरीब पात्रों और उनके साथ घटने वाली असामान्य घटनाओं की कहानी है।
अभिनेता निनाद कामत ने आईएएनएस के साथ बातचीत में फिल्म के अनूठे जॉनर पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि हिंदी सिनेमा में डार्क कॉमेडी के साथ प्रयोग करने की गुंजाइश हमेशा रहती है और इस फिल्म के जरिए निर्देशक अखिल ने कुछ वैसा ही ‘अलग’ करने की कोशिश की है। काम करते वक्त ही पूरी टीम को अहसास हो गया था कि वे कुछ अलग और बहुत प्रभावशाली बना रहे हैं।
अभिनेता ने अपने किरदार के बारे में बात करते हुए एक दिलचस्प किस्सा शेयर किया। उन्होंने बताया, “व्यक्तिगत जीवन और फिल्मी किरदार के बीच तालमेल बिठाना थोड़ा सा चुनौतिपूर्ण था। फिल्म में मेरे लिए सबसे बड़ा डिसकंफर्ट यह था कि मेरा किरदार नशा करता है, जबकि असल जिंदगी में मैं इन चीजों के सख्त खिलाफ हूं। एक कलाकार के तौर पर उस मानसिकता में जाना मेरे लिए मुश्किल था, लेकिन कहानी की मांग और उस सामाजिक तबके को दिखाने के लिए यह जरूरी था, जो खुद को भगवान समझकर हर रात पार्टियों में डूबे रहते हैं।”
अभिनेता ने भारतीय सिनेमा की कल्ट क्लासिक फिल्म ‘जाने भी दो यारों’ का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि यह उनकी पसंदीदा फिल्म है। निनाद ने कहा, “जिस तरह उस फिल्म में सतीश कौशिक और अन्य कलाकारों ने एक लाश के ईर्द-गिर्द कॉमेडी बुनी थी, वैसी फिल्म शायद कभी नहीं बन पाएगी। ‘कैंडी एंड द पिज्जा गर्ल’ उसी जॉनर की विरासत को एक अलग नजरिए और नए टेस्ट के साथ आगे ले जाने का प्रयास करती है।”
उन्होंने आगे बातचीत में स्पष्ट भी किया कि यह राय वे सिर्फ इसलिए नहीं दे रहे क्योंकि वे फिल्म का हिस्सा हैं, बल्कि एक दर्शक के तौर पर भी उन्हें निर्देशक अखिल का विजन बहुत ईमानदार और स्पष्ट लगा।
अभिनेता ने कहा, “अक्सर ओटीटी प्लेटफॉर्म पर यह समस्या देखी जाती है कि दर्शक परिवार के साथ कोई वेब सीरीज देखना शुरू करते हैं और अचानक अपशब्दों के कारण उन्हें शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है। हालांकि, हमारी टीम इस बात को लेकर शुरू से स्पष्ट थी कि यह एक ‘एडल्ट’ फिल्म है।”

