गुवाहाटी, 16 जून (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार घरेलू तथा औद्योगिक पाइप्ड नेचुरल गैस आपूर्ति परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा आत्मनिर्भरता के विजन के अनुरूप राज्य में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि आयातित एलपीजी पर निर्भरता कम की जा सके।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मंगलदई और तेजपुर में घरेलू तथा औद्योगिक पीएनजी आपूर्ति परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, मुख्यमंत्री ने लोक सेवा भवन से वर्चुअल माध्यम से मंगलदई और तेजपुर में पीएनजी आपूर्ति परियोजनाओं और औद्योगिक पीएनजी कनेक्टिविटी का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने उहानी और गोरैमारी में नई सीएनजी सुविधाओं का भी उद्घाटन किया।
सरकार के मुताबिक इन परियोजनाओं से घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और उद्योगों को स्वच्छ, भरोसेमंद और पर्यावरण-अनुकूल प्राकृतिक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इससे क्षेत्र में सतत विकास और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि मध्य पूर्व में जारी संकट के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है। ऐसे समय में असम सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप एलपीजी से पीएनजी की ओर प्रोत्साहित कर रही है।
उन्होंने कहा कि यह राज्य के लिए गर्व की बात है कि असम की रिफाइनरियां एलपीजी उत्पादन क्षमता को भी मजबूत कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएनजी अवसंरचना के विस्तार से एलपीजी की खपत कम होगी और विदेशी मुद्रा की बचत में भी मदद मिलेगी। उन्होंने असम को प्राकृतिक गैस के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की सरकार की योजना का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि राज्य के प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर पीएनजी कनेक्टिविटी विकसित की जा रही है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ उद्योगों को भी लाभ मिलेगा।
सीएनजी सुविधाओं के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि इनके विस्तार से असम के वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार होगा और प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि पीएनजी और सीएनजी से जुड़ी नई परियोजनाएं राज्य में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

