बंगाल में जीत पक्की है और हम जीतेंगे: दीया कुमारी

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नई दिल्ली, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में पहले चरण की 152 विधानसभा सीटों पर मतदान संपन्न हो चुका है। 90 फीसदी से ज्यादा वोटिंग प्रतिशत आने के बाद भाजपा नेताओं के चेहरे खिल उठे हैं। राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने भरोसा जताया है कि बंगाल में भाजपा की जीत पक्की है और विधानसभा का चुनाव जरूर जीतेंगे।

दीया कुमारी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि जीत पक्की है, हम जीतेंगे। शीर्ष नेतृत्व के साथ सभी कार्यकर्ताओं ने बहुत कड़ी मेहनत की है और बंगाल की जनता भी बदलाव और विकास चाहती है। बंगाल कानून-व्यवस्था और अन्य मामलों में पीछे है। वहां केंद्र सरकार की योजनाएं भी लागू नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में जनता ने पूरी तरह से मन बना लिया है कि वे भाजपा को ही जिताएंगे।

पहल चरण में बंपर वोटिंग हुई है। इससे साफ होता है कि जनता ने भाजपा की सरकार बनाएगी।

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और 6 अन्य सांसदों के आप छोड़कर भाजपा में शामिल होने पर उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा कि विपक्ष के पास कहने के लिए ज्यादा कुछ नहीं है। जिस तरह आम आदमी पार्टी के कई सांसदों ने अपनी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा है, वह देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को दर्शाता है। चाहे वे जन-प्रतिनिधि हों या आम नागरिक, हर कोई यह सब देख रहा है। पीएम मोदी के नेतृत्व में सभी काम करना चाहते हैं।

भाजपा सांसद विवेक ठाकुर के बंगाल चुनाव के पहले फेज को लेकर कहा कि बदलाव को वोटिंग हो गई है। एसआईआर के बाद बिहार में भी वोटिंग प्रतिशत बढ़ा था, यही हमने बंगाल और तमिलनाडु में भी देखा है। बंगाल में लोगों ने परिवर्तन के लिए वोट किया।

आप के सात राज्यसभा सदस्यों के पार्टी छोड़ने पर भाजपा सांसद ने कहा कि इस बारे में हम क्या कह सकते हैं। आम आदमी पार्टी को बताना चाहिए कि उन्होंने पार्टी क्यों छोड़ी।

पंजाब से भाजपा नेता अश्विनी शर्मा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल को अपने नेतृत्व के तरीके पर विचार करना होगा। आम आदमी पार्टी, जो कभी एक वैकल्पिक शक्ति बनने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ी थी, अब अपने उस मूल लक्ष्य से भटक गई है। यह उसी बदलाव का नतीजा है। वे लोकतंत्र की बात करते हैं, लेकिन पार्टी के भीतर कोई आंतरिक लोकतंत्र नहीं है। अगर वे लोग जो पार्टी में शामिल हुए थे और कभी केजरीवाल के करीबी सहयोगी थे, अब पार्टी छोड़ रहे हैं। इससे पता चलता है कि संगठन के भीतर सब कुछ ठीक से काम नहीं कर रहा है।