चांदी की रिफाइनरी में बड़ी ठगी, अंतरराज्यीय गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार

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हैदराबाद, 25 अप्रैल (आरईएएनएस)। महाकाली पुलिस ने धोखाधड़ी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने चार सदस्यों वाले अंतरराज्यीय गिरोह को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला हैदराबाद के सिकंदराबाद जोन में महाकाली पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था।

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता हीरालाल वर्मा सिकंदराबाद की महाकाली स्ट्रीट पर श्री जगदंबा इंडस्ट्रीज नाम से चांदी की रिफाइनरी का काम करते हैं। बीस मार्च दो हजार छब्बीस को शाम करीब साढ़े चार बजे उनके एक पुराने ग्राहक राजेश एक दूसरे व्यक्ति के साथ दुकान पर आए। वे तीन कच्ची चांदी के सिल्ले लेकर आए थे। उन्होंने हैदराबाद के चारकमान स्थित दुर्गा बुलियन रिफाइनरी की शुद्धता परीक्षण रिपोर्ट भी दिखाई।

चूंकि राजेश पहले भी कई बार व्यापार कर चुके थे, इसलिए हीरालाल ने उन पर भरोसा कर लिया। बिना किसी जांच के उन्होंने आरोपियों को साठ प्रतिशत शुद्धता के बराबर पच्चीस छोटे चांदी के सिल्ले दे दिए, जिनका कुल वजन करीब छह हजार तीन सौ पचास ग्राम था। आरोपी वहां से चले गए। बाद में जब हीरालाल ने उन सिल्लों की बाजार में जांच कराई तो पता चला कि उनमें चांदी की मात्रा बिल्कुल शून्य थी। इस धोखाधड़ी में उन्हें करीब पंद्रह लाख रुपए का नुकसान हुआ।

इसके बाद दो और इसी तरह के मामले सामने आए। एक महाकाली पुलिस स्टेशन में और दूसरा मार्केट पुलिस स्टेशन में। इन मामलों में भी शिकायतकर्ताओं को करीब छह किलो से ज्यादा चांदी के बराबर का नुकसान हुआ। कुल मिलाकर तीन मामलों में गिरोह ने व्यापारियों को ठगा।

पुलिस जांच में पता चला कि यह एक संगठित गिरोह है। गिरोह के मुखिया हृदेश कुमार समेत पांच सदस्य हैं। इनमें तीन सदस्य उत्तर प्रदेश के आगरा के रहने वाले हैं, एक इटावा का और एक मध्य प्रदेश का। ये सभी आपस में रिश्तेदार या दोस्त हैं।

गिरोह का तरीका बहुत चालाक था। वे चांदी के व्यापारियों से संपर्क करते और पहले दो बार असली चांदी का साठ प्रतिशत शुद्धता वाला सिल्ला देकर उनका भरोसा जीत लेते। तीसरी बार वे नकली रिपोर्ट दिखाकर शून्य शुद्धता वाला नकली सिल्ला देते और बदले में असली चांदी ले लेते। इस तरह उन्होंने मध्य प्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में भी कई ठगी की वारदातें की हैं।

पुलिस ने बीस अप्रैल दो हजार छब्बीस को हृदेश कुमार को आगरा से गिरफ्तार किया। एक दिन बाद सुशील कुमार वर्मा, प्रिंस उर्फ लड्डू सोनी और राजीव जैन को भी आगरा और इटावा से पकड़ा गया। सोनू कुशवाहा को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया गया। सभी के खिलाफ ट्रांजिट वारंट लिया गया।

गिरफ्तारी के दौरान हृदेश कुमार के पास से आठ किलो चार सौ ग्राम चांदी, डेढ़ लाख रुपए नकद और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। बाकी आरोपियों से भी मोबाइल फोन जब्त किए गए।

हृदेश कुमार का पहले भी धोखाधड़ी का आपराधिक रिकॉर्ड है। वर्ष दो हजार इक्कीस में मध्य प्रदेश के अशोक नगर पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ मामला दर्ज था।

यह सफल कार्रवाई महाकाली पुलिस की टीम ने अतिरिक्त उपायुक्त जे नरसैया, सहायक आयुक्त सीएच श्रीधर और एस रवि कुमार के मार्गदर्शन में की। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी है और अन्य राज्यों में भी छापेमारी की जा रही है।