बंगाल में चुनाव आयोग भाजपा का औजार बना – मनीष तिवारी

0
3

चंडीगढ़, 7 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 15 साल से सत्ता में काबिज तृणमूल कांग्रेस को भाजपा ने भारी बहुमत से हराकर पहली बार प्रदेश में सरकार बनाने का अधिकार प्राप्त कर लिया है।

दूसरी ओर, कांग्रेस और टीएमसी के अलग-अलग चुनाव लड़ने के कारण भाजपा को इसका लाभ मिला। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने दावा किया कि चुनाव आयोग ने भाजपा के एक औजार की तरह काम किया।

चंडीगढ़ में कांग्रेस सांसद ने आईएएनएस से बातचीत की। उन्होंने कहा कि टीएमसी और कांग्रेस साथ में चुनाव लड़ते तो परिणाम क्या होता, यह तो मूल्यांकन और विश्लेषण का विषय है।

उन्होंने कहा कि चुनाव के जो परिणाम आए हैं, उससे एक चीज तो साफ है कि कई निर्वाचन क्षेत्रों में, जीत का अंतर उन मतदाताओं की संख्या से कम है, जिन्हें वोट डालने की अनुमति नहीं दी गई थी। ऐसे मामलों में, हर उस निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव याचिकाएं दायर की जाएंगी, जहां यह स्थिति लागू होती है। हालांकि, पश्चिम बंगाल में एक बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति देखने को मिली, जहां उनके अनुसार, सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया गया और चुनाव आयोग, जो एक निष्पक्ष संस्था होनी चाहिए, उसने भाजपा के एक औजार के रूप में काम किया। यह भारत के लोकतंत्र के लिए काला दिन है। इसके परिणाम नकारात्मक होंगे।

पंजाब में दो धमाके और सीएम भगवंत मान के बयान पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि पंजाब का स्वभाव भाजपा की विचारधारा से मेल नहीं खाता। पंजाबियों ने ऐतिहासिक रूप से सदियों से अपनी जमीन की हमलावरों से रक्षा की है। पंजाब वही राज्य है जिसने विरोध प्रदर्शनों के जरिए कृषि कानूनों को वापस लेने पर मजबूर कर दिया था। इसलिए, किसी भी दूसरे राज्य से इसकी तुलना करना गलत है।

उन्होंने कहा कि भारत को पाकिस्तान की साजिश भरी मानसिकता से सावधान रहना चाहिए, और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए।

बताते चलें कि बंगाल चुनाव में भाजपा की बंपर जीत के बाद अब प्रदेश में अगली सरकार के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।