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बैंकॉक में बाढ़ से बिगड़े हालात: 8 की मौत, लाखों बेघर

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बैंकॉक, 28 सितंबर (आईएएनएस)। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में लगातार भारी बारिश के बाद बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। डिजास्टर प्रिवेंशन एंड मिटिगेशन डिपार्टमेंट ने सोमवार को बताया कि 16 सितंबर से थाईलैंड में आई बाढ़ की वजह से आठ लोगों की मौत हो गई है।

सिंहुआ समाचार एजेंसी के अनुसार बैंकॉक समेत 28 प्रांत अभी भी इस आपदा की चपेट में हैं। खासकर थाईलैंड के मध्य, उत्तरी, पूर्वी और पूर्वोत्तर इलाकों के हालात बेहद खराब हैं।

इस बीच, थाईलैंड की कैबिनेट ने बैंकॉक और उसके आस-पास के तीन प्रांतों में सोमवार और मंगलवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है। बाढ़ के कारण होने वाली परेशानियों को कम करने के लिए सरकारी दफ्तर और स्कूल बंद रहेंगे।

थाईलैंड के मौसम विभाग का अनुमान है कि सोमवार को उत्तरी, मध्य और पूर्वी थाईलैंड के कुछ हिस्सों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहेगी।

वहीं, बैंकॉक मेट्रोपॉलिटन एडमिनिस्ट्रेशन ने सोमवार को बताया कि राजधानी में आई भीषण बाढ़ से लगभग 3,29,000 परिवार और करीब 7,00,000 लोग प्रभावित हुए हैं। विभाग के अनुसार, 16 से 28 सितंबर के बीच 42 प्रांतों में बाढ़ आई, जिससे 18 लाख लोग प्रभावित हुए।

शहर की डिप्टी गवर्नर ताविडा कामोलवेज ने बताया कि राजधानी के लैट क्राबांग जिले पर बाढ़ का सबसे ज्यादा असर पड़ा है, यहां 30,000 से 40,000 लोग बाढ़ की चपेट में आए हैं।

सभी 50 जिलों को बाढ़-आपदा क्षेत्र घोषित किया गया है। रविवार देर रात तक करीब 4,900 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बनाए गए राहत शिविरों में पहुंचाया गया है, जबकि लगभग 52 हजार घर बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

गुरुवार से रविवार के बीच बैंकॉक के कुछ इलाकों में 330 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई थी। कई प्रमुख सड़कें पानी में डूब गईं और कुछ इलाकों में पानी कमर तक पहुंच गया। कई जगहों पर कारें और दूसरे वाहन पानी में आधे से अधिक डूब गए।

बाढ़ की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कई परिवारों को अपना घर छोड़कर स्कूलों और अन्य अस्थायी राहत केंद्रों में जाना पड़ा। बैंकॉक मेट्रोपॉलिटन एडमिनिस्ट्रेशन के अनुसार, हजारों लोग इन केंद्रों में रात बिताने को मजबूर हुए। कुछ स्कूलों में कक्षाओं को खाली कर वहां लोगों के रहने की व्यवस्था की गई है। सोमवार को शहर के सैकड़ों स्कूल बंद रखने की योजना है।

बैंकॉक पोस्ट के अनुसार, डिप्टी गवर्नर विसानु सबसोमपोन ने सोमवार को कहा कि पूर्वी बैंकॉक की मुख्य जलधाराओं सैन सैप और प्रावेट बुरिरोम नहरों का जलस्तर कम करने के लिए पानी निकालने का काम तेजी से किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “मुख्य रणनीति सैन सैप और प्रावेट बुरिरोम नहरों से पानी की निकासी है, जिससे उनसे जुड़ी छोटी नहरों का जलस्तर भी कम हो जाएगा।”

डिप्टी गवर्नर ने उम्मीद आगे कहा, “आज (सोमवार) रामखमहेन्ग रोड के शुरुआती हिस्से में बाढ़ की स्थिति में सुधार होना चाहिए। ख्लोंग चान में ज्यादा समय लग सकता है क्योंकि वह दूर है। मुख्य नहरों से पानी पूरी तरह निकालने में तीन दिन लगेंगे।”

विसानु ने कहा, “ओवरफ्लो हो रही नहरों से रिहायशी इलाकों का पानी निकालना इतना आसान नहीं होगा। बुरी तरह बाढ़ प्रभावित लैट क्राबांग में पानी निकालने में लगभग एक हफ्ता लगेगा।”

अधिकारियों ने शहर की नहरों से पानी निकालने का काम तेज कर दिया है। बारिश कम होने के बाद रविवार को बैंकॉक के कई हिस्सों में जलस्तर घटने लगा, लेकिन कई प्रमुख नहरों में पानी अब भी काफी ऊंचा था। प्रशासन ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है।

इससे पहले करीब 48 घंटे में लगभग 300 मिलीमीटर बारिश के बाद बैंकॉक प्रशासन ने राजधानी को आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया था। सेना ने राहत कार्यों में मदद के लिए अस्थायी शिविर और सामुदायिक रसोई तैयार कीं। प्रशासन ने लोगों से निचले इलाकों और नहरों के आसपास से सामान हटाकर ऊंचे स्थानों पर रखने को कहा था।

सितंबर बैंकॉक में बारिश के मौसम का चरम महीना होता है, लेकिन इस बार कुछ इलाकों में हुई अत्यधिक बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था पर गंभीर दबाव डाल दिया। फिलहाल अधिकारियों का ध्यान पानी निकालने, प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और संभावित नई बारिश से निपटने पर है।