नई दिल्ली, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने ‘सोनार बांग्ला’ को पूरी तरह बदल दिया है।
भाजपा महासचिव तरुण चुघ ने आईएएनएस से बात करते हुए आरोप लगाया, “टीएमसी की सरकार बंगाल को जिहादी मानसिकता पर चला रही है। आज बंगाल भ्रष्टाचार और जिहादी मानसिकता का गढ़ बन गया है। एक खास तरह का सिंडिकेट पूरे राज्य को चला रहा है। जल्द ही टीएमसी सरकार जा रही है और भाजपा इस सिंडिकेट को उल्टा लटकाकर सीधा कर देगी।”
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा बंगाल को रवींद्रनाथ टैगोर के सपनों वाला सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध राज्य बनाएगी। टीएमसी शासन में हिंदुओं पर हुए अत्याचार और अन्याय को भाजपा कभी नहीं भूलेगी। भाजपा सरकार बनने पर हर मामले की जांच कर दोषियों को सजा दिलाएगी।
तरुण चुघ ने अवैध घुसपैठ पर भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “बंगाल की धरती पर अवैध घुसपैठिए और जनसांख्यिकी संतुलन से छेड़छाड़ अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। घुसपैठिए 5 मई से पहले बंगाल छोड़कर चले जाएं, यह देश और बंगाल की जनता का स्पष्ट संदेश है। टीएमसी का टोलबाजी, तानाशाही, तुष्टिकरण और जिहादीकरण का मॉडल अब नहीं चलेगा।”
उन्होंने ममता बनर्जी के पुराने नारे ‘मां, माटी और मानुष’ का जिक्र करते हुए कहा, “कभी मां, माटी और मानुष की बात करने वाली ममता दीदी आज इसे भूल चुकी हैं। आज बंगाल की मां अपने बच्चों को माफिया के खौफ से बचाने में लगी है। बंगाल की माटी टीएमसी के मसलमैन के हाथों रक्तरंजित हो रही है और मानुष टीएमसी के मनी पावर के आगे दुखी है। 4 मई को ममता दीदी जाने वाली हैं और भाजपा सरकार आने वाली है।”
तमिलनाडु पर बोलते हुए तरुण चुघ ने द्रमुक (डीएमके) पर परिवारवाद और वंशवाद का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “तमिलनाडु की जनता डीएमके के एक परिवार की जागीर बन गई है। भ्रष्टाचारी और कुंठित मानसिकता से ग्रस्त परिवारवाद और वंशवाद वहां राज कर रहा है। वहां सेवा नहीं, अहंकार का राज है। लोकतंत्र की जगह वंशवाद काबिज है। तमिलनाडु की जनता ने फैसला कर लिया है कि वंशवाद की सरकार से मुक्ति लेनी है।”
भाजपा नेता ने कहा कि दोनों राज्यों में जनता अब बदलाव चाहती है। बंगाल में लोकतंत्र के बैलट से टीएमसी के बम का जवाब दिया जाएगा और ममता बनर्जी के भय का जवाब भाजपा के भरोसे से दिया जाएगा। तमिलनाडु में भी जनता वंशवाद से मुक्ति चाहती है।

