बेंगलुरु, 25 मई (आईएएनएस)। बेंगलुरु के उप्परपेट पुलिस स्टेशन की टीम ने तेजी और सतर्कता दिखाते हुए एक तीन वर्षीय बच्चे को लापता होने के मात्र 16 मिनट के अंदर सुरक्षित बचा लिया।
घटना 24 मई की शाम करीब 6:02 बजे की है। उप्परपेट पुलिस स्टेशन क्षेत्र में स्थित एक ट्रैवल ऑफिस के पास बच्चा अपने माता-पिता के साथ यात्रा कर रहा था। अचानक बच्चा गायब हो गया। ट्रैवल ऑफिस के स्टाफ ने तुरंत ‘नम्मा 112’ इमरजेंसी हेल्पलाइन पर फोन करके सूचना दी।
‘नम्मा-112’ के कर्मचारियों ने तुरंत उप्परपेट पुलिस स्टेशन की ‘होयसला-77’ गश्ती टीम को अलर्ट कर दिया। इस टीम में एएसआई नागराजा जे. और एपीसी बालप्पा ड्यूटी पर थे। सूचना मिलते ही दोनों पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने बच्चे की उम्र, कपड़ों और अन्य जरूरी डिटेल्स लीं और आसपास के इलाके में तलाश शुरू कर दी।
पुलिस की तेज प्रतिक्रिया का नतीजा यह हुआ कि बच्चा बहुत कम समय में ही मिल गया। पुलिस ने बच्चे की पहचान की पुष्टि की और उसे सुरक्षित रूप से उसके माता-पिता को सौंप दिया। माता-पिता ने राहत की सांस ली और पुलिस टीम को धन्यवाद दिया।
वहीं, पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा के लिए ऐसा त्वरित प्रतिक्रिया सिस्टम बहुत महत्वपूर्ण है।
बेंगलुरु पुलिस का कहना है कि शहर में बच्चों के लापता होने की घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि भीड़-भाड़ वाले इलाकों में बच्चों पर खास नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत ‘नम्मा 112’ पर कॉल करें।
इस सफल ऑपरेशन ने आम लोगों में पुलिस और आपातकालीन सेवाओं के प्रति विश्वास बढ़ाया है। उप्परपेट पुलिस की यह कार्रवाई एक उदाहरण बन गई है कि सतर्कता और तेज प्रतिक्रिया से छोटी-छोटी घटनाओं को भी बड़ी समस्या बनने से रोका जा सकता है।

