भदोही पुलिस का बड़ा एक्शन, तीन शातिर साइबर ठगों को किया गिरफ्तार

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लखनऊ, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के भदोही जनपद में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए पुलिस ने तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह भोले-भाले लोगों को सरकारी योजनाओं और सस्ते लोन का झांसा देकर उनके बैंक खातों का दुरुपयोग करता था। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने अब तक 10 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी को अंजाम दिया है।

इस मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई कि उसे लोन दिलाने के नाम पर आरोपियों ने उसका बैंक खाता खुलवाया और एटीएम, पासबुक और मोबाइल नंबर अपने कब्जे में ले लिया। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से 200 से अधिक बैंक खातों की जानकारी मिली, जिनके खिलाफ 500 से ज्यादा शिकायतें एनटीआरपी पोर्टल पर दर्ज हैं।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे, फिर उन खातों का इस्तेमाल देशभर में ठगी के पैसों के लेन-देन के लिए करते थे। इसके अलावा, ये लोग फर्जी सिम कार्ड, एटीएम और डिजिटल माध्यमों के जरिए पैसों की निकासी कर लेते थे।

गिरफ्तार आरोपियों में अंशुल मिश्रा, मोहम्मद शोएब और कपिल रावत शामिल हैं, जिनकी उम्र 19 से 20 वर्ष के बीच बताई जा रही है। पुलिस ने इनके पास से कई मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

मामले को लेकर एसपी भदोही, अभिनव त्यागी ने बताया कि साइबर अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के क्रम में गुरुवार को बड़ी सफलता मिली है। थाना पुलिस और साइबर थाना पुलिस ने 3 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने करीब 200 से अधिक म्यूल अकाउंट को बनाने में साइबर अपराधियों की सहायता की थी। इन अकाउंट्स से करीब 10 करोड़ रुपए का लेन-देन का डेटा सामने आया है। इन सारे अकाउंटों के खिलाफ 500 से ज्यादा एनटीआरपी पोर्टल पर शिकायतें दर्ज हैं।

उन्होंने बताया कि शातिर मासूम लोगों को फंसाकर सरकारी योजनाओं के लाभ, एलआईसी और अन्य चीजों के नाम पर उनसे अकाउंट खुलवाते थे। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि कृपया करके कोई भी अकाउंट, सिम कार्ड और अन्य जानकारियां किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ शेयर न करें।