SGSU Advertisement
Home राष्ट्रीय भागलपुर में बाढ़-कटाव रोकने के लिए प्रशासन ने शुरू की तैयारी, राघोपुर...

भागलपुर में बाढ़-कटाव रोकने के लिए प्रशासन ने शुरू की तैयारी, राघोपुर में गंगा की धारा मोड़ने की तैयारी

0
3

भागलपुर, 31 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार के भागलपुर जिले में बाढ़ और कटाव की चुनौती से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने राहत, बचाव और सुरक्षात्मक कार्यों को तेज कर दिया है। संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त बल, भारी मशीनरी, तकनीकी विशेषज्ञ और श्रमबल तैनात किए गए हैं। प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं तथा स्थिति के अनुसार तत्काल सुरक्षात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।

कटाव की गंभीरता को देखते हुए कई स्थानों पर युद्धस्तर पर निरोधक कार्य चल रहे हैं। ठेकेदारों के साथ बड़ी संख्या में मजदूरों और भारी मशीनों को लगाया गया है, ताकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुरक्षात्मक कार्य पूरे किए जा सकें। जल संसाधन विभाग की विशेषज्ञ टीमें विभिन्न स्थलों का लगातार निरीक्षण कर रही हैं। विशेषज्ञों से मिले तकनीकी सुझावों के आधार पर मौके पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

जिले के कई संवेदनशील स्थलों पर समानांतर रूप से काम जारी है। रेलवे बांध के संरक्षण के साथ महादेवपुर घाट और ब्रह्मस्थान में भी सुरक्षात्मक कार्य तेजी से चल रहे हैं। इसके अलावा ‘ई-नोज’ सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी कटाव-रोधी एवं सुरक्षा कार्य किए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि उपलब्ध संसाधनों और विशेषज्ञ टीमों के समन्वित प्रयास से सभी जरूरी कार्य समय पर पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

भागलपुर में राघोपुर तटबंध पर बाढ़ प्रमंडल के मुख्य अभियंता जय प्रकाश ने आईएएनएस पर बताया कि अब सीट पाइलिंग एक ठोस माध्यम है, जिससे कटाव वाले जगह को और प्रभावित हो रही आबादी को बचाया जा सकता है। जो बांध ध्वस्त हुआ है, वह जमींदारी बांध है। जहाँ खड़े हैं, वह रेलवे लाइन का पुराना बांध है। जो ठीक गंगा नदी किनारे है। इसी जगह लंबाई में सीट पाइलिंग कर बांध को बचाया जा सकता है।

वहीं, राघोपुर में गंगा के प्रचंड वेग से बढ़ते कटाव और टूटे बांध की मरम्मत में आ रही लगातार बाधाओं के बीच सरकार ने नदी की मुख्य धारा का रुख मोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसके लिए भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण की ड्रेजिंग मशीन के इस्तेमाल की तैयारी की जा रही है।

गंगा की तेज धारा सीधे कटाव स्थल पर दबाव बना रही है। इसके कारण बांध के क्षतिग्रस्त हिस्से तक पहुंचना और वहां बाढ़ निरोधी कार्य करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, गंभीर स्थिति को देखते हुए ड्रेजिंग मशीन के जरिए नदी के बहाव को कटाव स्थल से हटाने की संभावना पर विचार किया गया है। इसका उद्देश्य तेज धारा का दबाव कम कर बांध की मरम्मत के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार करना है।