मुंबई, 19 अगस्त (आईएएनएस)। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच शिक्षा, व्यापार और रक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को महत्वपूर्ण बताते हुए भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने कहा कि शिक्षा दोनों देशों के संबंधों का एक प्रमुख क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि भारत के विकास के अगले चरण के लिए बड़ी संख्या में रोजगारपरक कौशल वाले लोगों की जरूरत होगी और ऑस्ट्रेलिया इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
मुंबई में आयोजित आईसी3 (करियर और कॉलेज परामर्श) कार्यक्रम के दौरान प्रेस से बात करते हुए ग्रीन ने कहा, “ऑस्ट्रेलिया भारत के साथ कई क्षेत्रों में गहराई से जुड़ा हुआ है, लेकिन शिक्षा विशेष रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री द्वारा पिछले वर्ष शुरू किए गए ऑस्ट्रेलिया-भारत आर्थिक रोडमैप में शिक्षा और प्रशिक्षण को विकास के चार प्रमुख ‘सुपरहाईवे’ में शामिल किया गया है।”
उन्होंने कहा, “ऑस्ट्रेलिया की उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा उचित लागत पर उपलब्ध कराने की काबीलियत रखती है। हम समझते हैं कि भारत के विकास के अगले चरण को गति देने के लिए अधिक संख्या में रोजगारपरक कौशल वाले लोगों की जरूरत होगी। ऑस्ट्रेलिया की शिक्षा व्यवस्था भारतीय छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के साथ-साथ भविष्य के लिए आवश्यक कौशल हासिल करने का अवसर देती है।”
ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त ने भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों के व्यापक आयामों का उल्लेख करते हुए व्यापार और रक्षा सहयोग के महत्व पर भी बात की। उन्होंने दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षा और कौशल विकास आपसी साझेदारी को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
ग्रीन ने खेल कूटनीति को बढ़ावा देने की दिशा में उठाए गए एक अहम कदम का भी जिक्र किया। दिसंबर में होने वाला यह मैच ‘गुड-डे नमस्ते’ कार्यक्रम का हिस्सा होगा, जिससे भारत-ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते और मजबूत होंगे।
हाई कमिश्नर फिलिप ने चेन्नई में होने वाले इस कार्यक्रम की योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। कहा कि इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक, शैक्षिक और खेल से जुड़ी गतिविधियां शामिल होंगी। “यह पहल ऑस्ट्रेलिया की बेहतरीन चीजों को भारत लाएगी और दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग को और सुदृढ़ करेगी।”
विदेश में होने वाले इस पहले बीबीएल मैच में मेलबर्न रेनेगेड्स और पर्थ स्कॉर्चर्स के बीच मुकाबला एमए चिदंबरम स्टेडियम में होगा।
ग्रीन ने मौजूदा तनावपूर्ण पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी बात की और कहा कि क्षेत्र में जारी घटनाक्रम को लेकर ऑस्ट्रेलिया लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
कार्यक्रम आईसी3 की बात करें तो, इसमें 21 ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों ने ‘स्टडी ऑस्ट्रेलिया पवेलियन’ के तहत हिस्सा लिया, जहां भारतीय छात्रों और उनके परिवारों को ऑस्ट्रेलिया में उच्च शिक्षा के विभिन्न विकल्पों के बारे में जानकारी दी गई।
इस अवसर पर ऑस्ट्रेलियाई व्यापार एवं निवेश आयोग (ऑसट्रेड) की नई ‘स्कूल करिकुलम रिपोर्ट’ भी लॉन्च की गई। रिपोर्ट का उद्देश्य ऑस्ट्रेलिया की शिक्षा व्यवस्था और पाठ्यक्रम से जुड़ी जानकारी को भारतीय विद्यार्थियों और परिवारों तक पहुंचाना है।

