SGSU Advertisement
Home राजनीति भारत में सरकारें बैलेट से बनती हैं, बुलेट से नहीं: मुख्तार अब्बास...

भारत में सरकारें बैलेट से बनती हैं, बुलेट से नहीं: मुख्तार अब्बास नकवी

0
4

नई दिल्ली, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने राहुल गांधी पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान का समर्थन करते हुए कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारत में सरकारें जनता के जनादेश से बनती और बदलती हैं, न कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन या अराजकता के जरिए। नकवी ने बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन की कोशिशों के आरोपों के बीच कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहां सरकार बदलने का रास्ता चुनाव है।

राहुल गांधी पर युवाओं को गुमराह करने और बांग्लादेश की तरह सरकार बदलने की कोशिश करने के राजनाथ सिंह के आरोपों पर नकवी ने कहा कि लोकतंत्र जनादेश से चलता है। कुछ लोगों को यह गलतफहमी है कि सरकारें चुनाव के बजाय जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन और उपद्रव से बदल सकती हैं। सत्ता परिवर्तन की चाह में कुछ लोग देश में अव्यवस्था फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। भारत न तो बांग्लादेश है और न ही कोई दूसरा देश, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। देश में अब तक हुए 18 आम चुनावों में सरकार बनाने और बदलने का रास्ता मतदान ही रहा है।

उन्होंने कहा कि यहां बुलेट से सरकारें नहीं बनती-बदलतीं, बल्कि बैलेट से बनती-बदलती हैं। लोकतंत्र को बंधक बनाने और अराजकता के जरिए सत्ता परिवर्तन का सपना देखने वाले लोग कभी सफल नहीं होंगे। इस तरह की गतिविधियों से राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय निवेशकों को निराशा हो सकती है।

कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति पर निशाना साधते हुए नकवी ने पार्टी नेताओं की तुलना ऐसे क्रिकेट खिलाड़ियों से की, जो मौका मिलने पर गलतियां करते हैं और हार के बाद अंपायर या पिच को जिम्मेदार ठहराते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता गेंदबाजी का मौका मिलने पर नो-बॉल करते हैं और बल्लेबाजी के दौरान हिट विकेट हो जाते हैं। इसके बाद वे अपनी हार का ठीकरा अंपायर या पिच पर फोड़ते हैं।

नकवी ने भाजपा की जीत और कांग्रेस की हार का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्षी दलों को अपनी राजनीतिक स्थिति पर विचार करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों को लगता है कि प्रदर्शन और हंगामे के जरिए वे लोकतंत्र को बंधक बना लेंगे, लेकिन उनका सत्ता परिवर्तन का सपना पूरा नहीं होगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि समय के साथ विपक्ष के सहयोगी दल उसका साथ छोड़ सकते हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर संसद के मानसून सत्र के सत्रावसान में देरी पर सवाल उठाने और परिसीमन प्रस्तावों व संवैधानिक संशोधन विधेयकों पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग पर भी नकवी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने खड़गे और कांग्रेस नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्ष को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बजाय अराजकता के जरिए अपनी बात मनवाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। जनता कांग्रेस को जनादेश नहीं दे रही है, फिर भी पार्टी का अहंकार कम नहीं हो रहा है।

उन्होंने लोकसभा, विधानसभा, स्थानीय निकायों और पंचायत चुनावों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति पर सवाल उठाए। नकवी ने कहा कि जब तक विपक्ष यह नहीं समझेगा कि सरकारें जनादेश से बनती और बदलती हैं, तब तक वह इसी तरह सड़कों पर प्रदर्शन और हंगामा करता रहेगा।