Tuesday, July 14, 2026
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भारत टेक्स 2026 का शुभारंभ, 130 देशों के खरीदारों की भागीदारी से भारत बना वैश्विक टेक्सटाइल मंच

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नई दिल्ली, 14 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में देश के सबसे बड़े वैश्विक टेक्सटाइल आयोजन ‘भारत टेक्स 2026’ का उद्घाटन किया। रिकॉर्ड अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के साथ शुरू हुए इस आयोजन का उद्देश्य भारत को वैश्विक टेक्सटाइल सप्लाई चेन में एक भरोसेमंद सोर्सिंग हब और रणनीतिक साझेदार के रूप में स्थापित करना है।

भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय के सहयोग से भारत टेक्स ट्रेड फेडरेशन (बीटीटीएफ) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में 130 से अधिक देशों के 6,000 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय खरीदार और 1.3 लाख से अधिक ट्रेड विजिटर हिस्सा ले रहे हैं। करीब 1.6 मिलियन वर्ग फुट क्षेत्र में आयोजित इस मेगा इवेंट में 20 हजार से अधिक टेक्सटाइल उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है।

उद्घाटन समारोह में कपड़ा राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा, कपड़ा मंत्रालय की सचिव नीलम शमी राव, भारत टेक्स आयोजन समिति के चेयरमैन नरेन गोयनका, को-चेयरमैन भद्रेश डोडिया, केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, निर्यातक, निवेशक और अंतरराष्ट्रीय टेक्सटाइल कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

भारत टेक्स 2026 में रूस और न्यूजीलैंड के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों की भागीदारी भी देखने को मिली। रूसी संघ के कृषि मंत्री तिमुर गवेव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल और न्यूजीलैंड के कृषि एसोसिएट मंत्री एवं ग्रामीण समुदायों के मंत्री मार्क पैटरसन के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने आयोजन में हिस्सा लिया। इससे इस कार्यक्रम की वैश्विक व्यापार और नीतिगत चर्चा के मंच के रूप में भूमिका और मजबूत हुई है।

इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों ने भी सक्रिय भागीदारी की है। आठ प्रायोजक राज्यों मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु ने अपने टेक्सटाइल उद्योग, निवेश संभावनाओं और नीतिगत पहलों को प्रदर्शित किया। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, मणिपुर, राजस्थान और पश्चिम बंगाल समेत नौ राज्य और केंद्र शासित प्रदेश भी शामिल हुए हैं।

कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित कई राज्यों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार, कर्नाटक, तमिलनाडु, असम और नागालैंड के प्रतिनिधियों ने भी इसमें भाग लिया।