मुंबई, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि भारत-यूएई संबंध व्यापक रणनीतिक साझेदारी के पैमाने पर खरे उतर रहे हैं। मुंबई में यूएई के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए उन्होंने ये बात कही।
नाहयान और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए जयशंकर ने कहा, “आपका और आपके प्रतिष्ठित प्रतिनिधिमंडल का मुंबई में स्वागत करना हमारे लिए अत्यंत हर्ष का विषय है। एक दशक से अधिक के निरंतर सहयोग के बाद, भारत-यूएई संबंध आज एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी के रूप में अपने वादे पर वास्तव में खरे उतर रहे हैं।”
विदेश मंत्री ने दोनों देशों के नेतृत्व को प्रगाढ़ होते रिश्तों का अहम कारण माना। उन्होंने कहा, “इस वर्ष नेतृत्व स्तर पर असाधारण जुड़ाव देखने को मिला है। जनवरी में यूएई राष्ट्रपति शेख मोहम्मद का भारत दौरा, फरवरी में क्राउन प्रिंस शेख खालिद का एआई इम्पैक्ट समिट और ब्रिक्स समिट में भाग लेना, और मई में पीएम मोदी की यूएई की आठवीं यात्रा, हमारे रिश्तों की गहराई को दर्शाती है।”
वैश्विक उथल-पुथल और चुनौतियों का सामना करते हुए कैसे दोनों देश आगे बढ़ रहे हैं इस पर भी एस जयशंकर ने प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “वैश्विक चुनौतियों और क्षेत्रीय कठिनाइयों के बावजूद, हमारी आर्थिक साझेदारी नए मानदंड स्थापित करती रही है। सीईपीए पर हस्ताक्षर होने के बाद से द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब अमेरिकी डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है, और दो-तरफा निवेश लगातार बढ़ रहा है, जो एक-दूसरे की अर्थव्यवस्थाओं में हमारे व्यवसायों के विश्वास को दर्शाता है। रक्षा, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग रणनीतिक स्वरूप ले रहा है।”
खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर चिंता जताते हुए, जयशंकर ने कहा कि भारत संवाद और कूटनीति के सभी प्रयासों का समर्थन करेगा, और व्यापार, ऊर्जा व उर्वरक के मुक्त व सुरक्षित प्रवाह के पक्ष में अंत में उन्होंने यूएई में भारतीय समुदाय की देखभाल के लिए यूएई नेतृत्व का आभार जताया और नाहयान का उनके “दूसरे घर” में स्वागत किया।
